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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्विशा शर्मा के शव का होगा दूसरा पोस्टमॉर्टम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दी है, जिससे उनके परिवार को न्याय की नई उम्मीद मिली है। मुख्य आरोपी, जो ट्विशा के पति हैं, ने आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने की सिफारिश की है। यह मामला उत्पीड़न और संदिग्ध परिस्थितियों के आरोपों के कारण चर्चा में है।
 

ट्विशा शर्मा मामले में न्याय की नई उम्मीद

ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में शुक्रवार को उनके परिवार के लिए एक नई उम्मीद की किरण आई। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Delhi) में मृतका के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही, पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी, जो ट्विशा के पति हैं, ने अदालत में आत्मसमर्पण करने की इच्छा व्यक्त की है। इसी दिन राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की औपचारिक सिफारिश भी की। परिवार लंबे समय से निष्पक्ष जांच और स्वतंत्र ऑटोप्सी की मांग कर रहा था।


अदालत का महत्वपूर्ण निर्णय

यह निर्णय भोपाल की एक अदालत द्वारा AIIMS दिल्ली में दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने की याचिका खारिज किए जाने के कुछ दिन बाद आया। 19 मई को अदालत ने नई ऑटोप्सी और फोरेंसिक जांच की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए शव को सुरक्षित रखने के तरीके पर चिंता जताई थी। यह शव 13 मई से AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा हुआ है।


परिवार की मांगों का समर्थन

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का यह आदेश ट्विशा के परिवार की मांगों के अनुरूप है। परिवार ने किसी भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ट्विशा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। शुक्रवार को परिवार को दोहरी सफलता मिली, क्योंकि राज्य सरकार ने भी इस मामले को CBI को सौंपने पर सहमति जताई।


पति का आत्मसमर्पण

ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। उनके पति, जो पिछले 10 दिनों से फरार थे, ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई है। उनके वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को यह जानकारी दी। सुनवाई के दौरान, आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने बताया कि वह अदालत में दायर अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले लेंगे।


जांच जारी

मृतक महिला के परिवार द्वारा उत्पीड़न और संदिग्ध परिस्थितियों के आरोप लगाए जाने के बाद इस मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी थी। अधिकारी इस मामले की जांच जारी रखे हुए हैं, जिसमें डिजिटल सबूतों, गवाहों के बयानों और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा शामिल है।