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मथुरा में मिलावटी पनीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 500 किलो पनीर नष्ट

मथुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी पनीर के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 500 किलो दूषित पनीर और 2000 लीटर दूध नष्ट किया गया। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध सामग्रियाँ भी बरामद की गईं। अधिकारियों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दी है और आगे की जांच जारी है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की पूरी कहानी और खाद्य सुरक्षा के मुद्दों पर क्या कहा गया है।
 

खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी


उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी पनीर के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। छाता क्षेत्र के हुसैनी गांव में एक पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान लगभग 500 किलो दूषित पनीर बरामद किया गया, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, पनीर बनाने में उपयोग की जा रही कई संदिग्ध सामग्रियाँ भी मिलीं।


खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावट की शिकायतों के आधार पर इस फैक्ट्री पर कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने पनीर निर्माण में उपयोग होने वाली कई संदिग्ध सामग्रियों की पहचान की, जिनमें रिफाइंड सोयाबीन/पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और टीनोपॉल शामिल हैं।


500 किलो पनीर और 2,000 लीटर दूध नष्ट

अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान 500 किलोग्राम तैयार पनीर बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1.05 लाख रुपये है। खाद्य विभाग ने इसे दूषित मानते हुए नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, 2,000 लीटर दूध भी सीज किया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.25 लाख रुपये है। संबंधित खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।


संदिग्ध सामग्री की बरामदगी

छापेमारी के दौरान टीम को रिफाइंड तेल, टीनोपॉल, सोडियम हाइड्रोसल्फाइट और अन्य सामग्रियाँ मिलीं। अधिकारियों का मानना है कि इनका उपयोग पनीर के निर्माण या उसके स्वरूप को बदलने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, किस सामग्री का कितना और किस प्रकार उपयोग हुआ, इसकी अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।


जांच और एफआईआर दर्ज

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई के दौरान पनीर, दूध और निर्माण में उपयोग की गई सामग्रियों के कुल 9 नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला में भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद संबंधित फैक्ट्री संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि तैयार किया गया पनीर कहां-कहां सप्लाई किया जाता था।


पिछली कार्रवाईयों का संदर्भ

मथुरा में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ हाल के दिनों में कई कार्रवाई की गई हैं। इससे पहले वृंदावन में भी खाद्य विभाग ने मिठाई की दुकानों और गोदामों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध पेड़े और मिल्क केक नष्ट किए थे।


मथुरा की इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की समस्या को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल 500 किलो पनीर नष्ट किया जा चुका है और लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और आरोपियों पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।