मथुरा में धार्मिक गुरु की गिरफ्तारी: युवतियों का यौन शोषण करने का मामला
मथुरा में एक स्वयंभू गुरु की गिरफ्तारी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। आरोपी, जो खुद को आईआईटी बाबा बताता था, पर युवतियों का यौन शोषण करने का आरोप है। उसने धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर कई महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से शोषित किया। पुलिस ने शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया और मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि धर्म और अध्यात्म के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है।
Jun 5, 2026, 15:01 IST
मथुरा में सनसनीखेज मामला
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है। एक स्वयंभू गुरु, जिसे आईआईटी बाबा के नाम से जाना जाता है, को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ओडिशा के 29 वर्षीय अभिषेक मिश्रा के रूप में हुई है, जो खुद को “आदिकर्ता नारायण दास” बताकर धार्मिक प्रवचन करता था। पुलिस के अनुसार, उसने महिलाओं का मानसिक और शारीरिक शोषण किया और आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से उन्हें ब्लैकमेल भी किया।
शिक्षा और आध्यात्मिकता का दुरुपयोग
अभिषेक मिश्रा ने 2017 से 2021 के बीच आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उच्च शिक्षा के बावजूद, उसने आध्यात्मिक गुरु का रूप धारण कर लिया और मथुरा के राधाकुंज क्षेत्र में पिछले चार वर्षों से रह रहा था। यहां वह खुद को कथावाचक और धार्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत करता था। युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए उसने “राधा कृपा अमृत” नाम से एक यूट्यूब चैनल भी खोला था, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी में प्रवचन देता था।
धार्मिक प्रचार का दुरुपयोग
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने धार्मिक मंचों का उपयोग केवल प्रचार के लिए नहीं, बल्कि युवतियों को अपने जाल में फंसाने के लिए किया। विशेष रूप से इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि की युवतियों को वह निशाना बनाता था। पहले वह उनसे संपर्क करता, फिर धीरे-धीरे उन्हें परिवार से दूर होने के लिए प्रेरित करता और अंततः अपने साथ रहने के लिए राजी कर लेता था। पुलिस के अनुसार, उसके मथुरा स्थित ठिकाने पर एक समय में लगभग 24 युवक और युवतियां रह रहे थे।
गंधर्व विवाह का हवाला
जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी युवतियों को “गंधर्व विवाह” का हवाला देकर अपने प्रभाव में लेता था। वह इसे प्रेम और आपसी सहमति पर आधारित प्राचीन विवाह परंपरा बताकर महिलाओं को बहकाता और फिर उनका शोषण करता था। आरोप है कि वह प्रसाद के नाम पर दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िताओं को देता था। इसके बाद वह उनके साथ दुष्कर्म करता और पूरी घटना के वीडियो तथा तस्वीरें अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लेता था।
शिकायत और गिरफ्तारी
मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ की एक युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर उसे धमकाया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद किए हैं।
धन उगाही और मानसिक शोषण
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथ रहने वाले लोगों के परिवारों से धन उगाही भी करता था। आसपास की अन्य युवतियों को भी वह अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। करीब छह महीने पहले एक युवती का परिवार उसे वापस घर ले जाने पहुंचा था, लेकिन आरोपी और उसके साथियों ने वहां हंगामा खड़ा कर दिया था।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। धर्म और अध्यात्म के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया ने ऐसे स्वयंभू गुरुओं को तेजी से लोकप्रिय बनाया है।
पुलिस की अपील
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।