मणिपुर में हिंसा का नया दौर: कुकी समुदाय के तीन लोग मारे गए
मणिपुर में हिंसा की घटनाएं
इम्फाल। मणिपुर के कुछ हिस्सों में फिर से हिंसा भड़क उठी है। राज्य के नोनी जिले के एक दूरदराज के गांव में दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोग मारे गए। पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ शनिवार तड़के केकड़ू नागा गांव के पास शुरू हुई, जिसमें कई घंटों तक दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी होती रही।
मृतकों की पहचान थांगलेंसंग सिंगसन, थांगखोसेई हाओकिप और लम्मिनसंग किपजेन के रूप में हुई है। ये सभी चुराचंदपुर जिले के हेंगलेप और थानलन के दूरदराज इलाकों के निवासी थे।
स्थानीय कुकी संगठनों ने बताया कि ये तीनों व्यक्ति ग्राम स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत थे। कुकी इनपी मणिपुर नामक संगठन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आरोप लगाया है कि नागा उग्रवादी समूहों ने इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। संगठन ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद, पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है।
लापता युवकों के शव बरामद
इसी बीच, राज्य में तनाव बढ़ाने वाली एक और घटना में, सुरक्षा बलों के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान रविवार को दो अन्य व्यक्तियों के शव मिले हैं। ये युवक 28 अक्टूबर से कांगपोकपी जिले में लापता थे।
पुलिस के अनुसार, असम राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीमों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्वी क्षेत्र में खोज अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों शव बरामद किए गए।
लापता युवकों की पहचान ताफौ गांव के निवासी तांगगिनलुन चोंगलोई और पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में हुई। इस घटना के विरोध में कांगपोकपी स्थित सामाजिक संगठन 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (COTU) ने क्षेत्र में 48 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया था।
सुरक्षा बलों द्वारा शवों की बरामदगी के बाद, प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और गश्त तेज कर दी गई है।