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मंदाना करीमी ने 16 साल बाद भारत को अलविदा कहा, नई शुरुआत की तैयारी

एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने भारत में 16 साल बिताने के बाद देश छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस भावुक फैसले की जानकारी दी, जिसमें उन्होंने सुरक्षा कारणों का भी जिक्र किया। मंदाना ने बताया कि यह निर्णय उनके लिए बेहद कठिन था और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए कि कैसे उनकी एक्टिविज्म ने उनकी निजी जिंदगी को प्रभावित किया। जानें उनके इस नए सफर के बारे में और क्या है उनके भविष्य की योजना।
 

मंदाना करीमी का भावुक अलविदा

एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने भारत में 16 साल बिताने के बाद देश छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह जानकारी इंस्टाग्राम पर एक AMA (आस्क मी एनिथिंग) सेशन के दौरान साझा की।


‘अपना घर छोड़कर जा रही हूं’, 16 साल बाद भारत को अलविदा कह रहीं मंदाना करीमी


एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने हमेशा के लिए मुंबई छोड़ दिया है और क्या उन्हें यह शहर याद आएगा। मंदाना ने एयरपोर्ट से एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि उन्हें "गुडबाय इंडिया" कहना पड़ेगा।


उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए अत्यंत कठिन है। लगभग 16 वर्षों तक भारत में रहने के बाद, वह अब अपनी दूसरी पहचान बन चुके इस देश को छोड़कर एक नई शुरुआत करने जा रही हैं, जिसमें नया देश, नया घर और नई जिंदगी शामिल है।


इस साल की शुरुआत में एक मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में, मंदाना ने बताया कि वह सुरक्षा कारणों से भारत छोड़ने का निर्णय ले रही हैं। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर अधिक जानकारी साझा नहीं कर सकतीं, लेकिन देश छोड़ने के बाद खुलकर बात करेंगी।


मंदाना ने बताया कि ईरान के समर्थन में अपनी आवाज उठाना और अधिकारियों पर सवाल उठाना उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहा था। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस लड़ाई में शामिल थीं, लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि भारत में रहना उनके लिए सही नहीं है।


उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एक्टिविज्म का असर उनकी निजी जिंदगी पर पड़ा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भारत में जान से मारने की धमकियां मिली हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसा अक्सर होता रहा है।


मंदाना ने महसूस किया कि इस कठिन समय में उन्हें दोस्तों, सरकार या मीडिया से ज्यादा समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब भारत उन्हें पहले जैसा अपना घर नहीं लगता, लेकिन ईरान, जावेद शाह और अपने लोगों के लिए वह फिर से यही लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।