मंगलुरु अदालत ने अपमानजनक सामग्री हटाने का दिया आदेश
मंगलुरु की अदालत ने सामूहिक दफन मामले में धर्मस्थल मंदिर और उसके प्रमुख डी वीरेंद्र हेगड़े के खिलाफ अपमानजनक सामग्री को हटाने का आदेश दिया है। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप है और हेगड़े के भाई द्वारा दायर मानहानि मुकदमे के बाद आया। अदालत ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों को निराधार और हानिकारक बताया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
Aug 30, 2025, 06:51 IST
सामूहिक दफन मामले में अदालत का निर्णय
मंगलुरु की एक अदालत ने सामूहिक दफन मामले से जुड़े धर्मस्थल मंदिर और उसके प्रमुख डी वीरेंद्र हेगड़े तथा उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया है।
यह निर्णय सत्र अदालत द्वारा लिया गया है और यह उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्देशों के अनुरूप है।
यह आदेश हेगड़े के भाई डी. हर्षेंद्र कुमार द्वारा दायर मानहानि के दीवानी मुकदमे के बाद आया है।
कुमार ने कार्यकर्ता महेश शेट्टी टिमरोडी, गिरीश मत्तनवर, जयंत टी और अन्य के खिलाफ राहत की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर बुरुडे (खोपड़ी) गिरोह से जुड़े अपमानजनक टिप्पणियाँ की थीं।
अदालत ने वीडियो, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम पोस्ट और फेसबुक रील का अवलोकन करने के बाद कहा कि ये आरोप “निराधार और हानिकारक” हैं।