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भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रसूता मृत्यु की घटनाओं की समीक्षा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय का निरीक्षण किया, जहां हाल ही में प्रसूता मृत्यु की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 15 जुलाई से विशेष अभियान की घोषणा की। मंत्री ने अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और मातृ मृत्यु की घटनाओं की गंभीरता पर चर्चा की।
 

चिकित्सा मंत्री का निरीक्षण


जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुई प्रसूता मृत्यु की घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने मेडिकल आईसीयू, गायनिक ऑपरेशन थिएटर और अन्य संबंधित वार्डों का निरीक्षण कर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।


मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का अभियान

निरीक्षण के दौरान, मंत्री ने आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने दिवंगत प्रसूताओं के नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 जुलाई से 5 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य मानकों के अनुसार सघन स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रसव पूर्व आवश्यक जांचों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।


बैठक में उच्च स्तरीय समीक्षा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर निरंतर निगरानी और चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।


इसके बाद, मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रत्येक प्रकरण की गहन समीक्षा की गई और सभी चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


मृत्यु की घटनाओं की गंभीरता

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक मातृ मृत्यु को गंभीरता से लेती है। पूरे प्रकरण की जांच राज्य स्तरीय समिति द्वारा की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


खीवसर ने बताया कि अस्पताल के पीएमओ ने जानकारी दी कि अस्पताल में चार प्रसूताओं की मृत्यु हुई थी। चिकित्सालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी सिजेरियन ऑपरेशन ऑपरेशन थिएटर क्रमांक-1 में किए गए थे, जहां संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।


ऑपरेशन थिएटर की स्थिति

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर क्रमांक-2 को माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर पॉजिटिव आने के कारण बंद रखा गया था। वर्तमान में चिकित्सालय में 22 स्टरलाइज्ड ऑपरेशन सेट उपलब्ध हैं और प्रतिदिन औसतन 15 से 20 सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं।