☰
×

भिवाड़ी की प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान

भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लास्टिक आइटम बनाने वाली कंपनी में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग ने तत्परता से आग पर काबू पाया और आसपास की अन्य फैक्ट्रियों को सुरक्षित रखा। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
 

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में आग का हादसा


भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में रविवार सुबह एक प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी में भयंकर आग लग गई। यह घटना प्लॉट नंबर एफ-621 पर हुई, जहां सुबह लगभग दस बजे आग अज्ञात कारणों से भड़क उठी। फैक्ट्री में प्लास्टिक के तैयार माल के साथ-साथ बड़ी मात्रा में केमिकल भी मौजूद था, जिससे आग तेजी से फैल गई। कुछ ही क्षणों में लपटों ने पूरे प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया और आधे घंटे के भीतर पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।


दमकल विभाग की तत्परता

घटना की सूचना मिलते ही खुशखेड़ा स्थित रीको फायर स्टेशन को तुरंत सूचित किया गया। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि भिवाड़ी नगर परिषद और रीको फायर स्टेशन के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं। घटनास्थल पर एक दर्जन से अधिक दमकल वाहन आग बुझाने के प्रयास में जुटे रहे। दमकल अधिकारी नरेश मीना ने बताया कि प्लास्टिक और केमिकल के भारी भंडार के कारण आग तेजी से फैली।


आग की विकरालता और सुरक्षा उपाय

फैक्ट्री से उठने वाले काले धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक फैल गया, जिससे आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दमकलकर्मियों ने न केवल मुख्य प्लांट की आग बुझाने का प्रयास किया, बल्कि आस-पास की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी सुरक्षित रखने का प्रयास किया। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियां निकटता से स्थित हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बना हुआ था। हालांकि, समय पर दमकल टीमों ने स्थिति को संभाल लिया और अन्य प्लांटों को सुरक्षित बचा लिया।


जनहानि से बचाव और जांच

इस भीषण अग्निकांड में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, फैक्ट्री के जल जाने से हुए आर्थिक नुकसान का सही आकलन तब ही किया जा सकेगा जब आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा। आग लगने के कारणों की जांच भी की जा रही है।