भारतीय हॉकी टीम की जर्सी में बदलाव पर विवाद: कपिल सिब्बल की तीखी प्रतिक्रिया
जर्सी के रंग में बदलाव पर उठे सवाल
नई दिल्ली, 1 अगस्त: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को केसरिया रंग में बदलने की आलोचना की है। उन्होंने इसे ‘गिरते स्तर का एक और उदाहरण’ करार दिया और कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अब नीली जर्सी के बजाय केसरिया रंग की जर्सी पहनेंगी। इस बदलाव पर पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए हैं, जबकि हॉकी इंडिया ने इसे तकनीकी आवश्यकता बताते हुए इसका समर्थन किया है।
सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एफआईएच हॉकी विश्व कप: टीम की पारंपरिक नीली जर्सी अब भगवा हो गई। न तो हॉकी इंडिया के अध्यक्ष को इसकी जानकारी थी और न ही कार्यकारी बोर्ड को।’’ उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘‘तर्क यह है कि अगर जर्सी केसरिया होगी तो दिमाग भी भगवा हो जाएगा। गिरते स्तर का ऐसा उदाहरण पहले कभी नहीं देखा।’’
‘हॉकी इंडिया’ ने अपने सोशल मीडिया चैनलों पर नई जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि इसका डिजाइन और रंग ‘एक कहानी बयां करने’ और ‘भारत के गौरव’ को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
संस्थान ने बताया कि खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ से विचार-विमर्श के बाद इस जर्सी को अंतिम रूप दिया गया। हालांकि, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि यह निर्णय उनकी जानकारी के बिना लिया गया। वहीं, महासचिव भोला नाथ सिंह ने इससे अलग रुख अपनाते हुए दावा किया कि ‘‘इस बदलाव की जानकारी सभी अधिकारियों को थी।’’
इस फैसले की पूर्व खिलाड़ियों जैसे वासुदेवन भास्करन, वीरेन रासकिन्हा, अजीत पाल सिंह और परगट सिंह ने भी कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि इस तरह का निर्णय दशकों में बनी टीम की पहचान को प्रभावित कर सकता है और इसकी कोई ठोस वजह समझ में नहीं आती।