भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ का सख्त संदेश: हर चुनौती के लिए तैयार रहें
भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पद ग्रहण करते ही सेना को हर चुनौती के लिए तैयार रहने का सख्त संदेश दिया है। उन्होंने युद्ध की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे वास्तविक परिचालन क्षमता का परीक्षण करें। जनरल सेठ ने व्यवहारिक सोच और सुधारों पर जोर दिया, साथ ही सोशल मीडिया के खतरे के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। जानें उनके निर्देश और सेना की नई प्राथमिकताएँ।
Jul 10, 2026, 14:25 IST
सेना की तैयारियों पर जोर
भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पद ग्रहण करते ही सेना को स्पष्ट संदेश दिया है कि हर चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना आवश्यक है। 6 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में, जिसका शीर्षक "टुगेदर टुवर्ड्स एक्सीलेंस" है, उन्होंने युद्ध की तैयारियों को सेना की प्राथमिकता बताया। जनरल सेठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें ऑपरेशन सिंदूर 2.0 और ऑपरेशन स्नो लेपर्ड 2.0 जैसी संभावित स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब केवल तैयारियों के दावे नहीं, बल्कि हर इकाई की वास्तविक क्षमता और मिशन के लिए तत्परता ही सबसे महत्वपूर्ण होगी।
सैन्य अभियान की सफलता के लिए आवश्यकताएँ
सेना प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य अभियान की सफलता केवल हथियारों और गोला-बारूद पर निर्भर नहीं करती। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अचानक निरीक्षण और मौके पर समीक्षा के माध्यम से हर इकाई की वास्तविक परिचालन क्षमता का परीक्षण करें। जनरल सेठ ने कहा कि युद्ध की तैयारी का अर्थ केवल आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता नहीं है, बल्कि रसद, मानव संसाधन, सैनिकों का मनोबल, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और समन्वय को भी मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मिशन के लिए हर समय तैयार रहने की संस्कृति ही सेना की सबसे बड़ी ताकत होगी।
व्यवहारिक सोच और सुधारों पर जोर
जनरल धीरज सेठ ने अधिकारियों को कठिनाइयों का सामना करने के लिए व्यवहारिक सोच अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में आदर्श समाधान की प्रतीक्षा करने के बजाय सरल और प्रभावी उपायों की तलाश करनी चाहिए। छोटे सुधार भी युद्धक्षेत्र में बड़ा लाभ दे सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रक्रियाओं ने वास्तविक युद्ध में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सेना को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और हर चुनौती पर विजय पाने की क्षमता बनाए रखनी होगी।
सेना की भूमिका और नैतिक मूल्य
जनरल सेठ ने सेना की भूमिका को सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में सेना की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए केवल सैन्य दक्षता ही नहीं, बल्कि व्यापक सोच और नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से अध्ययन करने और अपने ज्ञान को समृद्ध करने का आह्वान किया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि हर छोटी समस्या का समाधान इकाई स्तर पर ही खोजा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया के खतरे
सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि युद्ध अब सीमाओं तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया एक नया रणक्षेत्र बन चुका है, जहां विरोधी ताकतें मानसिक और सूचनात्मक हमले कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का निर्देश दिया।
जनरल सेठ का संदेश
जनरल धीरज सेठ ने अधिकारियों को नैतिक मूल्यों और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य निभाने के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है। उनका संदेश था कि सैनिक होना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।
सेना प्रमुख की पहली यात्रा
यह जानकारी तब सामने आई जब जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में अग्रिम इलाकों का दौरा किया। यह उनकी सेनाध्यक्ष के रूप में पहली यात्रा थी, जिसमें उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और सैनिकों की युद्ध तत्परता की समीक्षा की।