भारतीय सेना का मेघालय में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास प्रगति 2026
भारतीय सेना ने मेघालय के उमरोई में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास प्रगति 2026 का आयोजन किया, जिसमें 13 देशों के 400 से अधिक सैनिक शामिल हुए। इस अभ्यास का उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना और आपसी समझ को मजबूत करना है। ब्रिगेडियर मयूर शेकटकर और कर्नल संदीप पूनिया ने इस अभ्यास के महत्व और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। यह आयोजन न केवल सामरिक प्रशिक्षण पर केंद्रित था, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल गतिविधियों को भी शामिल किया गया।
May 30, 2026, 16:44 IST
अभ्यास प्रगति 2026 का आयोजन
भारतीय सेना ने मेघालय के उमरोई में 18 से 31 मई तक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास प्रगति 2026 का पहला संस्करण आयोजित किया। इस अभ्यास में 12 मित्र देशों के दलों ने भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना और आपसी समझ को मजबूत करना है। इस अभ्यास में भारत सहित 13 देशों के 400 से अधिक सैनिक शामिल हैं, जो अर्ध-पर्वतीय और वन क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कार्यक्रम में विशेष सैन्य अभ्यास, सामरिक प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी पर चर्चा, खेल गतिविधियाँ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और योग सत्र शामिल हैं।
ब्रिगेडियर मयूर शेकटकर का बयान
ब्रिगेडियर मयूर शेकटकर ने इस अभ्यास के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रगति अभ्यास मेघालय के उमरोई में एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 400 से अधिक सैनिकों ने इस विशाल अभ्यास में भाग लिया। हाल के दिनों में, हमने रॉक क्राफ्ट, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस, विशेष हेलीबोन ऑपरेशन, विभिन्न सामरिक अभ्यास और तात्कालिक स्थितियों से निपटने के लिए कई विशेषज्ञ प्रक्रियाएँ आयोजित की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन गतिविधियों ने मित्रता और भाईचारे के बंधन को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया है। सामरिक अभ्यास के अलावा, सैनिक खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर एक-दूसरे के करीब आए हैं, और इस व्यस्त दिनचर्या ने उन्हें योग की शांति का अनुभव करने का भी मौका दिया है।
अभ्यास निदेशक कर्नल संदीप पूनिया का दृष्टिकोण
अभ्यास निदेशक कर्नल संदीप पूनिया ने प्रगति के व्यापक उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी का प्रतीक है। इसके माध्यम से, हमारा लक्ष्य मित्र देशों के बीच तालमेल, अंतर-संचालनीयता और आपसी विश्वास को बढ़ाना है।