भारतीय वायुसेना का राफेल विमान ऑस्ट्रेलिया में 'पिच ब्लैक' अभ्यास में भागीदारी
भारतीय वायुसेना का राफेल विमानों के साथ प्रदर्शन
भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'पिच ब्लैक' में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह अभ्यास 20 जुलाई से शुरू होकर 7 अगस्त तक चलेगा, और वायुसेना का दल इस आयोजन में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है।
पिच ब्लैक अभ्यास का महत्व
'पिच ब्लैक' अभ्यास, जो डार्विन में आयोजित किया जा रहा है, रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। यह तीन सप्ताह तक चलने वाला कार्यक्रम दुनिया के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में से एक में युद्ध जैसी परिस्थितियों का अभ्यास करने का अवसर प्रदान करता है। भारतीय वायुसेना का मानना है कि इस अभ्यास से विभिन्न देशों के बीच सामरिक तालमेल में वृद्धि होगी और कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में सहायता मिलेगी।
अभ्यास में भागीदारी
वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय दल 'पिच ब्लैक-2026' में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है। यह प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास हर दो साल में आयोजित होता है, जिसमें 19 देशों की वायुसेनाएं शामिल होती हैं। यह आपसी संचालन क्षमता को बढ़ाने और अभियानगत सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
तैयारी और प्रशिक्षण
भारतीय वायुसेना ने राफेल विमानों और अपने वायु योद्धाओं की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि वे मित्र देशों की वायुसेनाओं के साथ प्रशिक्षण लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वायुसेना ने अपनी तैयारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे इस अभ्यास के लिए पूरी तरह से केंद्रित हैं।