भारतीय रेलवे का नया कदम: टिकट चेकिंग में बॉडी कैमरा का उपयोग
रेलवे की नई पहल
भारतीय रेलवे अब अपने टिकट चेकिंग सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जल्द ही, ट्रेन में टिकट की जांच करने वाले ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) बॉडी कैमरा पहनकर अपनी ड्यूटी करते हुए दिखाई देंगे। रेलवे का मानना है कि इस नवाचार से यात्रियों और TTE दोनों की सुरक्षा में वृद्धि होगी, साथ ही विवादों और झूठी शिकायतों पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
कैसे कार्य करेगा बॉडी कैमरा सिस्टम?
TTE को दिए जाने वाले बॉडी कैमरे में छोटे और उन्नत फीचर्स होंगे। इनमें HD वीडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इन कैमरों में लगभग 20 घंटे की बैटरी बैकअप होगी, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों में भी रिकॉर्डिंग जारी रह सकेगी। इसके अलावा, कैमरे को टैंपरप्रूफ बनाया गया है, जिससे रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ करना मुश्किल होगा।
पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ
रेलवे ने इस नई व्यवस्था को कुछ मंडलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है, जिसमें मुंबई, वॉल्टेयर और रायपुर मंडल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में TTE को बॉडी कैमरे का उपयोग करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रहे, तो इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
यात्रियों और TTE के लिए लाभ
रेलवे के अनुसार, कई बार टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और TTE के बीच विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। कुछ मामलों में झूठी शिकायतें भी सामने आती हैं। अब कैमरे की रिकॉर्डिंग ऐसे मामलों में सबूत के रूप में कार्य करेगी। इससे TTE पर गलत आरोप लगने की संभावना कम होगी और यात्रियों की शिकायतों की सही जांच भी संभव होगी। रेलवे का मानना है कि इससे ट्रेन में अनुशासन और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
नई तकनीक को अपनाना
पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय रेलवे ने लगातार नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। ऑनलाइन टिकटिंग, AI आधारित निगरानी और स्मार्ट स्टेशन के बाद, बॉडी कैमरा सिस्टम को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।