भारतीय मुक्केबाजों के लिए संकट: SAI के पत्र में 40 नाम गायब
भारतीय खेल प्राधिकरण का नया पत्र
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा जारी किए गए हालिया स्वीकृति पत्र ने देश के प्रमुख मुक्केबाजों के लिए एक गंभीर समस्या उत्पन्न कर दी है। इस पत्र में लगभग 40 मुक्केबाजों के नाम शामिल नहीं हैं, जिससे उनके भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर संदेह के बादल छा गए हैं। इन मुक्केबाजों के राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की संभावना अब गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
नामों की अनुपस्थिति से हड़कंप
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की चयन नीति के अनुसार, 30 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित 'चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कप' (COS) में 20 भार वर्गों (पुरुष और महिला दोनों में 10-10) में शीर्ष दो स्थान प्राप्त करने वाले मुक्केबाजों को राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया जाना था। यह शिविर 25 अप्रैल से आरंभ होने वाला था।
पिछले साल दिसंबर में जारी नीति में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ये 40 मुक्केबाज मूल्यांकन परीक्षणों के लिए योग्य होंगे, जिनके आधार पर राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व मुक्केबाजी कप के लिए भारतीय टीमों का चयन किया जाना था। लेकिन 29 अप्रैल को महासंघ को SAI से प्राप्त पत्र में इन 40 मुक्केबाजों के नाम गायब थे।
महासंघ का समाधान खोजने का प्रयास
महासंघ ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले की मंजूरी 29 अप्रैल 2026 को मिली थी, लेकिन सूची से 40 नाम पूरी तरह से गायब हैं। महासंघ इस गंभीर मुद्दे को सुलझाने के लिए लगातार भारतीय खेल प्राधिकरण के संपर्क में है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। इस तकनीकी समस्या के कारण मूल्यांकन प्रक्रिया, जो 5 मई को शुरू होने वाली थी, अब एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। अब यह प्रक्रिया 6 मई से शुरू होगी।
खिलाड़ियों की नाराजगी
इस निर्णय से प्रभावित एक मुक्केबाज ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से बताया गया था कि COS कप जीतने पर उन्हें राष्ट्रीय शिविर में स्थान मिलेगा। पिछले साल की तरह इस बार भी यही नीति लागू थी, इसलिए खिलाड़ियों को समझ नहीं आ रहा है कि अचानक यह समस्या कैसे उत्पन्न हुई। खिलाड़ियों का मानना है कि शिविर में शामिल होना और राष्ट्रमंडल व एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना ही सही तरीका है, और इस तरह की रुकावट उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।