भारतीय पासपोर्ट और नागरिकता: सरकार का स्पष्टीकरण
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल भारतीय नागरिक ही पासपोर्ट के लिए पात्र हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है या नहीं। राज्यसभा सांसद अब्दुल वहाब द्वारा उठाए गए प्रश्नों के जवाब में, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, जो उचित सत्यापन के बाद जारी किया जाता है। इसके साथ ही, भारत दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
Jul 31, 2026, 12:33 IST
भारतीय पासपोर्ट की पात्रता और नागरिकता
केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में स्पष्ट किया कि केवल भारतीय नागरिक ही भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दी, जिसमें उन्होंने बताया कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, जो भारतीय नागरिकों के विदेश यात्रा को नियंत्रित करने के लिए जारी किया जाता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है या नहीं।
राज्यसभा सांसद अब्दुल वहाब ने इस मुद्दे पर कई प्रश्न उठाए थे, जिसमें यह जानने की कोशिश की गई कि क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है। उन्होंने पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया, विदेशी नागरिकता के प्रभाव, और नागरिकता एवं पासपोर्ट ढांचे की समीक्षा की संभावनाओं पर भी सवाल उठाए। हालांकि, सरकार ने इस पर सीधा उत्तर नहीं दिया।
सिंह ने बताया कि भारतीय पासपोर्ट को पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत उचित सत्यापन के बाद जारी किया जाता है। यह एक स्थापित प्रक्रिया है, लेकिन सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि भारत दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता है। मंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 9 और 11 तथा नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ले लेता है, तो वह भारतीय नागरिक नहीं रह जाता। ऐसे में उसका भारतीय पासपोर्ट अमान्य हो जाता है।
इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि केवल भारतीय नागरिक ही पासपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन पासपोर्ट होने से किसी को स्वतः भारतीय नागरिकता नहीं मिलती।