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भारतीय नौसेना प्रमुख की म्यांमा यात्रा: समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने का प्रयास

भारतीय नौसेना के प्रमुख, एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, ने म्यांमा की चार दिवसीय यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में नए रास्ते खोजना है। एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा के सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की जाएगी। म्यांमा भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पड़ोसी है, और इस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।
 

म्यांमा यात्रा का उद्देश्य

भारतीय नौसेना के प्रमुख, एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, ने शनिवार को म्यांमा की चार दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में नए सहयोग के अवसरों की खोज करना है।


एक आधिकारिक बयान में भारतीय नौसेना ने बताया कि यह यात्रा भारत और म्यांमा के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रता के रिश्ते को दर्शाती है, जो आपसी सम्मान, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।


द्विपक्षीय वार्ता का महत्व

बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च अधिकारी जनरल ये विन ऊ, रक्षा मंत्री जनरल यू ह्तुन आंग, और म्यांमा नौसेना के प्रमुख एडमिरल ह्तीन विन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।


इस वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय समुद्री सहयोग की समीक्षा करना, अभियानगत स्तर पर संबंधों को मजबूत करना और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते खोजना है।


भारत-म्यांमा संबंध

म्यांमा भारत के प्रमुख रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है, जो नगालैंड और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर की सीमा साझा करता है।


अपनी यात्रा के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी म्यांमा नौसेना की मध्य कमान का दौरा भी करेंगे। नौसेना ने कहा कि इन मुलाकातों में रक्षा सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


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