भारतीय तेल टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया, ईरान की गोलीबारी के बीच चार जहाज लौटे
भारतीय टैंकर का सफल पार
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने के बावजूद, भारतीय ध्वज वाला एक तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार कर गया। इस दौरान, कम से कम चार अन्य जहाजों को वापस लौटना पड़ा। निगरानी आंकड़ों के अनुसार, 'देश गरिमा' नामक टैंकर ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट को पार किया।
एससीआई का टैंकर
भारतीय नौवाहन निगम लिमिटेड (एससीआई) का यह टैंकर मार्च से अब तक इस मार्ग को पार करने वाला भारतीय ध्वज वाला 10वां जहाज है। मरीनट्रैफिक के अनुसार, शनिवार शाम तक यह टैंकर ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था।
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की संख्या
आंकड़ों से पता चला है कि 'सनमार हेराल्ड', 'देश वैभव', और 'देश विभोर' जैसे अन्य टैंकरों ने अवरोध बिंदु के पास अपना मार्ग बदल लिया। इसके साथ ही, फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है। सरकारी स्वामित्व वाली एससीआई 'देश वैभव' और 'देश विभोर' का संचालन करती है, जबकि 'सनमार हेराल्ड' का संचालन सनमार शिपिंग द्वारा किया जाता है।
गोलीबारी की घटना
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, एक टैंकर ने सूचना दी कि ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील दूर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की दो नौकाओं से गोलीबारी की गई। इस घटना के कारण भारतीय जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा। टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम के अनुसार, इराकी कच्चे तेल से लदे एक सुपरटैंकर सहित दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों को गोलीबारी के बाद लौटना पड़ा।
भारत का कड़ा रुख
ईरानी सैन्य बलों द्वारा भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर गोलीबारी के बाद, भारत ने ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को इस घटना पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
तेहरान का जलमार्ग बंद करना
करीब छह हफ्ते पहले अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद, तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि हुई।
ईरान का नया आरोप
तेहरान ने शुक्रवार को जलमार्ग को वाणिज्यिक यातायात के लिए खोलने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को यह आरोप लगाते हुए जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते का उल्लंघन किया है।
भारत की चिंताएं
विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से इस घटना पर भारत के दृष्टिकोण को ईरानी अधिकारियों को अवगत कराने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर चिंता जताते हुए, उन्होंने राजदूत से अनुरोध किया कि वह होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जल्द बहाल करने की प्रक्रिया शुरू करें।