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भारत सरकार ने एलपीजी की कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की

भारत में एलपीजी की कमी के चलते सरकार ने सभी राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन देने का निर्णय लिया है। यह कदम प्राकृतिक गैस में परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सीजीडी आवेदनों की स्वीकृति और शिकायतों के समाधान के लिए अतिरिक्त आवंटन की जानकारी दी है। इसके अलावा, व्यावसायिक सिलेंडरों का आवंटन भी शुरू हो चुका है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है।
 

एलपीजी की कमी और सरकार की नई पहल

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण भारत में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, सरकार ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन देने का निर्णय लिया है। यह आवंटन तब संभव होगा जब राज्य प्राकृतिक गैस (पीपीपी) में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहयोग करें।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीजीडी आवेदनों की स्वीकृति और शिकायतों के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियों के गठन हेतु एक प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा, डीम्ड सीजीडी अनुमतियों के लिए दो प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।


सीजीडी संस्थाओं के लिए अतिरिक्त आवंटन

शर्मा ने बताया कि सीजीडी संस्थाओं के लिए 'खुदाई और पुनर्स्थापन योजना' शुरू करने हेतु तीन प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन किया गया है। इसके साथ ही, वार्षिक किराया और पट्टा शुल्क में कमी के लिए चार प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग में सुधार देखने को मिला है।


उन्होंने आगे बताया कि ओएमसी द्वारा 17 मार्च 2026 को 2300 से अधिक अचानक निरीक्षण किए गए हैं। 30 राज्यों ने अपने राज्य नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लिए हैं, और 22 राज्यों ने जिला नियंत्रण कक्ष भी चालू कर दिए हैं।


व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन

शर्मा ने कहा कि कई राज्यों ने व्यावसायिक सिलेंडरों का आवंटन शुरू कर दिया है। 15 राज्यों ने वितरकों को व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन कर दिया है और पिछले चार दिनों में देशभर में लगभग 7200 टन व्यावसायिक एलपीजी वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और हम 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीदते हैं। हमारी रिफाइनरियां अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं।


उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे एलपीजी से पीएनजी की ओर रुख करें।