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भारत में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: 28 जून 2026

28 जून 2026 को भारत के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हलचल देखने को मिली। प्रमुख शहरों में सोने के विभिन्न कैरेट के दामों में मामूली उतार-चढ़ाव हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन के चलते सोने की मांग बढ़ने की संभावना है। जानें इस विषय में और क्या कहा जा रहा है।
 

सोने और चांदी की कीमतों में हलचल


28 जून 2026 को भारत के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मुंबई, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में सोने के विभिन्न कैरेट के दामों में मामूली बदलाव हुआ, जिससे निवेशकों और ग्राहकों की नजरें बाजार पर बनी रहीं।


जानकारी के अनुसार, 24 कैरेट सोना निवेश के लिए सबसे शुद्ध विकल्प माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोना आभूषणों में सबसे अधिक उपयोग होता है। 18 कैरेट सोना फैशन ज्वेलरी के लिए अधिक पसंद किया जा रहा है। इन सभी श्रेणियों में आज कीमतों में हल्का परिवर्तन देखा गया है।


मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सोने की कीमतों में अंतर स्थानीय टैक्स, मांग और आपूर्ति के आधार पर होता है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव और डॉलर की स्थिति का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।


विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग पर निर्भर करती हैं। इसी कारण पिछले कुछ दिनों से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।


चांदी की कीमतों में भी हल्की हलचल देखने को मिली है। औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते चांदी की कीमतें कभी ऊपर तो कभी नीचे जा रही हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि वर्तमान में बाजार में स्थिरता नहीं है, इसलिए ग्राहकों को सोच-समझकर खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।


त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। निवेशक भी गोल्ड को सुरक्षित विकल्प मानकर इसमें लगातार निवेश कर रहे हैं।


फिलहाल, सर्राफा बाजार में स्थिति उतार-चढ़ाव भरी बनी हुई है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव है।