भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में पेशेवरों की कमी, आईटी उद्योग को अवसर
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अवसरों की पहचान
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद में आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए बताया कि वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में लगभग 10 लाख पेशेवरों की कमी का अनुमान है। उन्होंने देश के आईटी उद्योग से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्रों की स्थिति
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिसके चलते देश में 12 संयंत्र विभिन्न चरणों में कार्यरत हैं। इनमें से तीन संयंत्रों में चिप निर्माण का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। ये चिप्स जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।
आईटी उद्योग की संभावनाएं
अश्विनी वैष्णव ने आशा व्यक्त की कि भारतीय आईटी उद्योग इस अवसर का भरपूर लाभ उठा सकता है, क्योंकि हमारे विशेषज्ञ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने में सक्षम हैं।
सरकार की पहल
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देश के 315 विश्वविद्यालयों को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर 'डिजाइन टूल' प्रदान किए हैं, जिससे इस उद्योग को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी बन गई है, जिसमें मोबाइल फोन का निर्यात सबसे अधिक है।