भारत में यूरिया और डीएपी आयात में वृद्धि का नया आंकड़ा
यूरिया और डीएपी के आयात में वृद्धि
नई दिल्ली, 28 जुलाई: सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए यूरिया का आयात पिछले वित्त वर्ष में 83 प्रतिशत बढ़कर 103.50 लाख टन तक पहुँच गया। रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह आंकड़ा प्रस्तुत किया। उन्होंने पिछले पांच वित्त वर्षों में प्रमुख उर्वरकों के उत्पादन और आयात के आंकड़ों का उल्लेख किया।
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में यूरिया का आयात 103.50 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 56.47 लाख टन था। वित्त वर्ष 2020-21 में यूरिया का आयात 91.36 लाख टन रहा, वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में यह 75.80 लाख टन और वित्त वर्ष 2023-24 में 70.42 लाख टन रहा। इसके अतिरिक्त, डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) का आयात भी पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 61.94 लाख टन हो गया, जो 2024-25 में 45.69 लाख टन था।
डीएपी का आयात वित्त वर्ष 2020-21 में 54.62 लाख टन, वित्त वर्ष 2021-22 में 65.83 लाख टन और वित्त वर्ष 2022-23 में 55.67 लाख टन रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में यूरिया का उत्पादन पिछले वर्ष के 306.67 लाख टन से घटकर 293.26 लाख टन रह गया। हालांकि, डीएपी का उत्पादन पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 37.72 लाख टन से बढ़कर 39.14 लाख टन हो गया।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का कुल उर्वरक उत्पादन 517.49 लाख टन रहा।