भारत में मौसम की विविधता: लू और बारिश का सामना
मौसम की स्थिति
नई दिल्ली: इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के कई रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां उत्तर और मध्य भारत में लू का प्रकोप है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 26 मई तक केरल तट पर पहुंच सकता है, जो सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह पहले है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आंधी, बारिश और लू का खतरनाक मिश्रण देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर
उत्तर प्रदेश इस समय मौसम की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। बुधवार को आए तूफान ने राज्य में व्यापक तबाही मचाई, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान चली गई। IMD ने आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, मिर्जापुर और बलिया सहित पश्चिमी यूपी के क्षेत्रों में बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
हीटवेव की चेतावनी
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40°C के पार बना हुआ है। 16 से 21 मई के बीच यूपी के अधिकांश हिस्सों में भीषण हीटवेव का अलर्ट है। विशेष रूप से 18 और 19 मई को राज्य के कई हिस्सों में 'गंभीर लू' चलने की चेतावनी दी गई है।
मॉनसून की तैयारी
अंडमान और बंगाल की खाड़ी में 16 मई के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं।
अल नीनो का प्रभाव
प्रशांत महासागर में उभरते अल नीनो हालात इस साल मानसून के दौरान बारिश को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है।
गर्मी का प्रकोप
उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में तापमान में 35°C की वृद्धि होने का अनुमान है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 से 21 मई के बीच गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश
अगले एक सप्ताह तक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में मौसम
केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 मई के बीच अच्छी से भारी प्रीमॉनसून बारिश होने की उम्मीद है।
भविष्यवाणी
इस पूरे सप्ताह उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। तापमान में लगातार वृद्धि होगी।