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भारत में मानसून की सक्रियता, 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भारत में सक्रियता बढ़ा दी है, जिसके चलते 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आंधी और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई शहरों में जलभराव और यातायात में रुकावट की खबरें आ रही हैं। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। जानें अगले 24 घंटों में क्या होगा।
 

देशभर में मानसून की सक्रियता


दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में सक्रिय हो गया है, जिसके कारण कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को 22 राज्यों के लिए आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, और तेज़ हवाओं की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।


सबसे प्रभावित राज्य

IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की आशंका है। कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है।


तेज़ हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में तेज़ आंधी के दौरान हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभों को नुकसान और यातायात में बाधा आने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।


शहरों में जनजीवन प्रभावित

लगातार हो रही बारिश का असर कई शहरों में दिखाई देने लगा है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़क जाम और यातायात में रुकावट की खबरें आ रही हैं। मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्थानीय परिवहन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।


किसानों के लिए फायदेमंद लेकिन चिंताजनक

लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी के आधार पर खेती से जुड़े निर्णय लें।


IMD की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें, बिजली कड़कने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने से परहेज करें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना रह सकता है।


अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण

IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान मानसून की गतिविधियां कई क्षेत्रों में तेज़ बनी रहेंगी। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन को सतर्क रहने और आम लोगों को मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।