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भारत में नशे के मामलों में केरल का दबदबा, पंजाब की स्थिति पर सवाल

भारत में नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर युवा पीढ़ी में। एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, केरल नशे के मामलों में सबसे ऊपर है, जबकि पंजाब की स्थिति पर सवाल उठते हैं। 2022 में एनडीपीएस मामलों में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय है। जानें और क्या कहते हैं ये आंकड़े और किस राज्य में कितने मामले दर्ज हुए हैं।
 

नशे की समस्या और युवा पीढ़ी

देश की युवा पीढ़ी नशे की लत में बुरी तरह फंसती जा रही है। कई राज्यों में युवा वर्ग नशे के प्रभाव में है। ऐसा लगता है कि देश के हर कोने में नशे के व्यापारियों की मौजूदगी है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, नशे के मामलों में केरल सबसे ऊपर है, जबकि पंजाब को बदनाम राज्य माना जाता है।


एनसीआरबी के ताजा आंकड़े

हाल ही में एनसीआरबी ने 2024 के लिए आपराधिक आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें ड्रग से संबंधित मामलों की जांच की गई। हालांकि, विस्तृत जानकारी अभी आनी बाकी है। लेकिन प्रारंभिक आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब की स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी कि समझी जाती है। केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्य इस मामले में शीर्ष पर हैं।


पंजाब की स्थिति

राज्यसभा में गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2022 में पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के तहत 12,442 मामले दर्ज हुए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एनसीआरबी के आंकड़े केवल पुलिस द्वारा दर्ज मामलों पर आधारित हैं।


नशे के मामलों में शीर्ष पांच राज्य

एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में नशे के मामलों में शीर्ष पांच राज्य निम्नलिखित हैं:


  • केरल: 26,619 मामले
  • महाराष्ट्र: 13,830 मामले
  • पंजाब: 12,442 मामले
  • उत्तर प्रदेश: 11,541 मामले
  • तमिलनाडु: 10,385 मामले


इसके बाद राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक का स्थान है।


पंजाब और गुजरात की तुलना

एनसीआरबी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि डेटा केवल दर्ज मामलों पर आधारित है। यदि किसी राज्य में पुलिस अधिक सक्रिय है, तो वहां मामलों की संख्या बढ़ सकती है। पंजाब लंबे समय से नशे के मुद्दे पर चर्चा का विषय रहा है, जिससे वहां कार्रवाई और जांच पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।


एनडीपीएस मामलों में वृद्धि

2022 में एनडीपीएस मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। 2021 में कुल 78,331 मामले दर्ज हुए थे, जो 2022 में बढ़कर 1.15 लाख से अधिक हो गए। यह लगभग 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।


व्यक्तिगत सेवन बनाम तस्करी

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में व्यक्तिगत नशे के मामलों की संख्या 77,172 रही, जबकि तस्करी के मामले 38,000 से अधिक थे। यह दर्शाता है कि समस्या केवल सप्लाई की नहीं, बल्कि डिमांड की भी है।


गिरफ्तारी और जब्ती के आंकड़े

2022 में एनडीपीएस मामलों में 1,44,812 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गांजे की जब्ती सबसे अधिक रही, जिसमें 17,11,916 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।


नशे के कारोबार का प्रभाव

2022 में पोस्ता छिलका और हेरोइन की बरामदगी चिंताजनक है। इस दौरान 3,18,701 किलोग्राम पोस्ता छिलका और 4,798 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।


कोकीन की स्थिति

2022 में कोकीन की जब्ती केवल 71.82 किलोग्राम रही, लेकिन इसकी बाजार मूल्य बहुत अधिक है।


एनसीआरबी के आंकड़ों की सावधानी

रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि डेटा केवल पुलिस रिकॉर्डेड अपराधों पर आधारित है। इसलिए, राज्यों की तुलना करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।