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भारत में तेल की कीमतों में वृद्धि का असर, कॉमर्शियल सिलेंडर महंगे

पश्चिम एशिया संकट के चलते अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अनिश्चितता का असर भारत पर भी पड़ने लगा है। कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 994 रुपये तक बढ़ गई हैं, जबकि घरेलू सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव आम भारतीयों की जेब पर लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता। जानिए इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

भारत पर पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव

अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संकट को लेकर बातचीत में अनिश्चितता का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। हाल ही में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 994 रुपये तक बढ़ गई है, जबकि घरेलू सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव आम भारतीयों की जेब पर लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता।


कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव


गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई, लेकिन आज इसमें कुछ नरमी आई है। फिर भी, भारतीय तेल कंपनियों पर कच्चे तेल की खरीद का बोझ बढ़ता जा रहा है, क्योंकि कच्चे तेल के दाम सौ डॉलर के करीब या उससे अधिक हैं।


महंगाई का असर

चाय, नाश्ता और शादियों पर प्रभाव


2022 के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर के पार पहुंच गई थीं। पश्चिम एशिया के गतिरोध, होर्मुज टेंशन, ओपेक में दरार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की निराशा ने तेल की कीमतों को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। हालांकि आज कीमतों में कुछ कमी आई है, लेकिन सवाल यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्या होंगी? तेल कंपनियां, जो पहले से ही दबाव में हैं, इस वृद्धि को कैसे संभालेंगी? कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा, जिससे चाय, नाश्ते और थाली की कीमतें महंगी हो सकती हैं।


पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में स्थिरता

लंबे समय तक असर नहीं टाला जा सकता


इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बताया है कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे घरेलू उपभोक्ता अंतरराष्ट्रीय ईंधन की कीमतों में हालिया वृद्धि से सुरक्षित हैं। 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर हैं।


पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए थोक डीजल और एटीएफ की कीमतों में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही, लगभग 4% पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी आई है, जो वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। ये उपाय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मार्गदर्शन में ओएमसी द्वारा अपनाए गए हैं, जिसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।