भारत में जमीनी स्तर के नवाचार को बढ़ावा देने की राष्ट्रपति मुर्मू की अपील
राष्ट्रपति मुर्मू का नवाचार पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपनी व्यापकता और नवाचार की भावना का उपयोग करके जमीनी स्तर पर नवाचार में वैश्विक नेता बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के तहत नवाचार करने वाले व्यक्तियों के एक समूह से राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में मुलाकात की। इस अवसर पर मुर्मू ने बताया कि सामाजिक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं आते, बल्कि इसके लिए एक ऐसा वातावरण आवश्यक है जो प्रतिभा को सही दिशा में मार्गदर्शन करे और उन्हें आवश्यक संसाधन प्रदान करे।
जमीनी नवाचार की विशेषताएँ
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जमीनी स्तर के नवाचार समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं, क्योंकि इनमें स्थानीय अनुभव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यक्तिगत रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी शामिल होती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत के पास जमीनी नवाचार में विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनने की क्षमता है। मुर्मू ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना तब साकार होगा जब हर नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाएगा।
नवाचार की संस्कृति का विकास
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि विभिन्न संस्थान और नागरिक एक साझा उद्देश्य के तहत मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे नवाचार की संस्कृति मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेगा। मुर्मू ने यह भी कहा कि कई नवोन्मेषक सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद अपने प्रयासों को जारी रखे हुए हैं।
नवाचार को प्रोत्साहित करने की सलाह
राष्ट्रपति ने लोगों, परिवारों और समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए नवाचार में विश्वास रखने वालों की सराहना की। उन्होंने उन्हें अपने नवाचार को निरंतर सुधारने, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के साथ सहयोग करने और अपने नवाचार को बड़े स्तर पर ले जाने की सलाह दी। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुर्मू ने इन नवोन्मेषकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में भी भाग लिया और उनके नवाचारों का अवलोकन किया।