भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति पर संकट: उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी
एलपीजी गैस की आपूर्ति में संकट
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और समुद्री मार्गों में रुकावट के कारण भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस स्थिति ने घरेलू उपभोक्ताओं और व्यवसायों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। कई शहरों में गैस सिलेंडर की बुकिंग में अचानक वृद्धि देखी गई है, जिससे वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके कारण इंडक्शन चूल्हों और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
इंडक्शन चूल्हों की बढ़ती मांग
ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर इंडक्शन चूल्हों की मांग हाल के दिनों में कई गुना बढ़ गई है। कुछ प्लेटफार्मों पर बिक्री चार से पांच गुना तक पहुंच गई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह बीस गुना तक बढ़ने की सूचना है। दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यह वृद्धि और भी अधिक देखी जा रही है। त्वरित आपूर्ति सेवाओं और किराना दुकानों पर भी इंडक्शन चूल्हों की बिक्री लगभग दस गुना बढ़ी है। घरेलू उपभोक्ता एलपीजी की अनिश्चितता को देखते हुए बैकअप के रूप में बिजली से चलने वाले उपकरण खरीद रहे हैं.
बिक्री प्रणाली पर दबाव
एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक वृद्धि के कारण कई स्थानों पर बुकिंग प्रणाली प्रभावित हुई है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि फोन, मोबाइल एप और एसएमएस से बुकिंग करते समय सर्वर डाउन होने के संदेश आ रहे हैं। वितरकों के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में बुकिंग की संख्या लगभग दस गुना बढ़ गई है, जिससे प्रणाली पर अत्यधिक दबाव पड़ा है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और पूरी तरह से आपूर्ति बंद नहीं हुई है.
व्यावसायिक उपयोग पर असर
व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट और केटरिंग सेवाओं को सीमित मात्रा में गैस दी जा रही है, जिससे कई व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। केरल में उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि गैस की कमी के कारण लगभग चालीस प्रतिशत रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने राहत उपायों के तहत केरोसिन और कोयले को अस्थायी रूप से खाना पकाने के विकल्प के रूप में फिर से अनुमति दी है.
सरकार के कदम
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच अंतराल को बढ़ाकर पैंतालीस दिन कर दिया है ताकि मांग को नियंत्रित किया जा सके। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में प्रतिदिन लगभग पचास लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और अन्य ईंधनों की आपूर्ति सामान्य है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें.
अवैध भंडारण का मामला
इस बीच, उत्तर प्रदेश के हापुड़ में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण पकड़ा गया है। पुलिस ने एक व्यक्ति के घर पर छापा मारकर अठारह भरे और चौदह खाली सिलेंडर बरामद किए। आरोप है कि वह विभिन्न वितरकों से सिलेंडर खरीदकर स्थानीय लोगों को अधिक कीमत पर बेच रहा था. अधिकारियों ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है.
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चिंताओं ने देश में एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, और यह संकट उन्हें बिजली आधारित वैकल्पिक खाना पकाने के साधनों की ओर भी प्रेरित कर रहा है.