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भारत में आमों का गढ़: उत्तर प्रदेश का मलिहाबाद

भारत में आमों की खेती का प्रमुख केंद्र उत्तर प्रदेश का मलिहाबाद है, जहाँ हजारों एकड़ में आम के बाग फैले हुए हैं। यहाँ की प्रमुख किस्में जैसे दशहरी, चौसा और लंगड़ा विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। कलीमुल्लाह खान, जिन्हें 'मैंगो मैन' कहा जाता है, ने नई किस्में विकसित की हैं। जानें आमों के पोषक तत्व और भारत में आमों की विविधता के बारे में।
 

भारत में आमों की खेती का प्रमुख केंद्र

भारत में आमों की खेती सबसे अधिक होती है, और भारतीय आमों का निर्यात भी विदेशों में किया जाता है। महाराष्ट्र का अल्फांसो आम विश्वभर में प्रसिद्ध है, जबकि वाराणसी का लंगड़ा आम भी बहुत पसंद किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में आमों का असली गढ़ कहाँ है? इसे 'मैंगो कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है।


उत्तर प्रदेश: आमों का प्रमुख क्षेत्र

उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के मलिहाबाद तहसील में आमों की खेती का मुख्य केंद्र है। यहाँ हजारों एकड़ में आम के बाग हैं, और लोग पीढ़ियों से यहाँ आम की खेती कर रहे हैं। मलिहाबाद, माल ब्लॉक, काकोरी और रहीमाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में आम की खेती होती है। उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक आम का उत्पादन करता है, जिसमें इसकी हिस्सेदारी 23.58% है। इस राज्य में लगभग 13 जिलों में 15 आम की बेल्ट फैली हुई है, और कुल उत्पादन लगभग 45 लाख मीट्रिक टन है।


प्रमुख आम की किस्में

मलिहाबाद क्षेत्र में आम की कई प्रसिद्ध किस्में जैसे दशहरी, चौसा, सफेदा और लंगड़ा उगाई जाती हैं। यहाँ आम्रपाली, लखौड़ा और जवहारी जैसी अन्य किस्में भी पाई जाती हैं। हर किस्म का अपना विशेष स्वाद और सुगंध होती है।


मैंगो मैन: कलीमुल्लाह खान

यहाँ के कलीमुल्लाह खान को 'मैंगो मैन' के नाम से जाना जाता है और उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है। उन्होंने ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग करके कई नई आम की किस्में विकसित की हैं। उनके पास एक ऐसा अनोखा आम का पेड़ है, जिस पर 300 से अधिक किस्मों के आम उगाए गए हैं।


आम के पोषक तत्व

आम में कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन सी, फोलेट, विटामिन ए, ल्यूटिन, ज़ेक्सैंथिन और विटामिन के।


भारत में आम की विविधता

भारत आमों का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहाँ दशहरी, चौसा और लंगड़ा जैसी कई लोकप्रिय किस्में पाई जाती हैं। इसके अलावा, हापुस या अल्फांसा, केसर, बंगनपल्ली, तोतापुरी, हिमसागर, आम्रपाली, रसपुरी, सिंधुरा, बादामी, किशन भोग, बॉम्बे ग्रीन, नीलम, मालगोवा, लक्ष्मणभोग, इमाम पसंद, फ़ज़ली, मनकुराद, पहाड़ी, मल्लिका, गुलाब खास, वनराज और किलिचुंदन जैसी कई अन्य किस्में भी उगाई जाती हैं।