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भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर का परिचय पत्र सौंपना

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपा। गोर ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को सुधारने की इच्छा व्यक्त की और व्यापार वार्ताओं में मतभेदों को परिपक्व बातचीत के माध्यम से हल करने की बात की। उन्होंने ट्रंप-मोदी की दोस्ती को भारत-अमेरिका संबंधों की नींव बताया। गोर ने भारत को अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया और भविष्य में व्यापार वार्ताओं में प्रगति की संभावना जताई।
 

सर्जियो गोर का राष्ट्रपति मुर्मू से परिचय पत्र सौंपना

भारत में अमेरिका के नए राजदूत, सर्जियो गोर, ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपा। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस समारोह में गोर के साथ त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त चंद्रदाथ सिंह और ऑस्ट्रिया के राजदूत रॉबर्ट जिस्चग ने भी अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।


गोर की नियुक्ति और भारत में कार्यभार ग्रहण

गोर ने पिछले साल नवंबर में भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में शपथ ली थी, जब अमेरिकी सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। उन्होंने इस सप्ताह सोमवार को दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में अपना कार्यभार संभाला। अपने पहले बयान में, गोर ने भारत और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि अमेरिका के लिए भारत एक अत्यंत महत्वपूर्ण देश है।


ट्रंप-मोदी की दोस्ती पर गोर का बयान

सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की मित्रता वास्तविक है, जो भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों की नींव है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ट्रंप के साथ वैश्विक स्तर पर काम किया है और उनके अनुभव के आधार पर यह कहना उचित है कि दोनों नेताओं के बीच गहरा विश्वास और सम्मान है।


व्यापार वार्ताओं में मतभेद और समाधान

गोर ने स्वीकार किया कि किसी भी मजबूत साझेदारी में मतभेद आ सकते हैं, विशेषकर व्यापार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ये मतभेद रिश्तों को कमजोर नहीं करते, बल्कि परिपक्व बातचीत के माध्यम से समाधान की ओर ले जाते हैं। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएँ जटिल हैं, लेकिन दोनों देश इन्हें सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।


भारत की वैश्विक भूमिका और व्यापार समझौते

सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका के लिए एक “अत्यंत आवश्यक साझेदार” बताया और कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के लिए भारत जैसा भरोसेमंद सहयोगी कोई और नहीं है। दोनों देशों के रिश्ते व्यापार से परे हैं, जिसमें रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।


भविष्य की व्यापार वार्ताएँ

गोर ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए काम कर रहे हैं। आने वाले समय में व्यापार वार्ताओं में और प्रगति देखने की संभावना है।


भारत-अमेरिका संबंधों की ठोस बुनियाद

अमेरिकी राजदूत के बयान से यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप और मोदी की व्यक्तिगत दोस्ती केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह भारत-अमेरिका संबंधों की ठोस नींव है। व्यापार जैसे जटिल मुद्दों पर असहमति के बावजूद, दोनों देश सहयोग और संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह रिश्ता भविष्य में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।