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भारत में LPG संकट: इंडक्शन चूल्हों की मांग में भारी वृद्धि

ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते भारत में LPG सिलेंडर की आपूर्ति संकट में है, जिससे इंडक्शन चूल्हों की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। कई शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी और बुकिंग में देरी की खबरें आ रही हैं। कंपनियों की बिक्री में भारी उछाल आया है, लेकिन उत्पादन में बाधाएँ आ रही हैं। जानें इस संकट का क्या असर हो रहा है और सरकार की क्या पहल है।
 

LPG सिलेंडर की कमी से उपजी समस्या


ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट पर प्रभाव पड़ने से भारत में LPG सिलेंडर की आपूर्ति गंभीर संकट में है। कई शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी और बुकिंग में 20 से 25 दिन की देरी की सूचना मिल रही है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। इसके परिणामस्वरूप, रसोई में बैकअप के लिए इंडक्शन चूल्हों की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है—कुछ स्थानों पर यह 400 से 500% तक बढ़ गई है। हालाँकि, अब इंडक्शन चूल्हे भी बाजार से गायब होते जा रहे हैं, ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर 'आउट ऑफ स्टॉक' का संकेत मिल रहा है, और दुकानों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।


इंडक्शन कुकर की बिक्री में उछाल

दैनिक भास्कर और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में इंडक्शन कुकर की बिक्री में 400-500% की वृद्धि हुई है। पहले जहां महीने में 1,000-2,000 यूनिट बिकती थीं, अब यह संख्या रोजाना 1-2 लाख यूनिट तक पहुँच गई है। क्विक कॉमर्स ऐप्स (जैसे Blinkit, Zepto) और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों (Amazon, Flipkart) पर मांग 10-30 गुना बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में दुकानों और ऑनलाइन स्टॉक की कमी हो गई है। लोग चिंतित हैं, "घर में गैस खत्म हो रही है, इंडक्शन भी नहीं मिल रहा—अब क्या करें?"


कंपनियों की स्थिति

कंपनियां जैसे Pigeon (Stovekraft), Prestige (TTK Prestige), और Butterfly भी इस स्थिति से प्रभावित हैं। स्टोवक्राफ्ट के MD राजेंद्र गांधी ने बताया कि ई-कॉमर्स पर उनकी साप्ताहिक बिक्री 4 गुना बढ़ गई है, जबकि TTK Prestige ने डिमांड को "ट्रिपल से ज्यादा" बताया है। हालाँकि, उत्पादन बढ़ाने में कठिनाई आ रही है क्योंकि इंडक्शन में उपयोग होने वाले प्रमुख भाग—जैसे कॉइल्स, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, और मैग्नेटिक कोर—अधिकतर चीन से आयात होते हैं।


आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएँ

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चीन से नए कच्चे माल की आपूर्ति में कम से कम 45 दिन लगेंगे। शिपिंग में देरी, होर्मुज़ संकट से प्रभावित लॉजिस्टिक्स और उच्च मांग के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है। कंपनियां उत्पादन को 100% क्षमता पर चला रही हैं और स्टाफ बढ़ा रही हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने से ग्राहकों को निराश होना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर इंडक्शन के दाम भी 20-30% बढ़ गए हैं, और काले बाजार की खबरें भी आ रही हैं।


सरकार की पहल

सरकार ने घरेलू LPG के लिए इमरजेंसी पावर का उपयोग कर रिफाइनरीज को घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर (होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन) पर अधिक प्रभाव पड़ा है। लोग पैनिक बाइंग कर रहे हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि घबराएं नहीं—सरकार ने घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित बताया है, लेकिन बैकअप के तौर पर इंडक्शन एक अच्छा विकल्प है। यदि इंडक्शन नहीं मिल रहा है, तो पुराने गैस चूल्हे या PNG (पाइपलाइन गैस) वाले क्षेत्रों में राहत है।


वैश्विक संकट का प्रभाव

यह संकट वैश्विक तेल-गैस बाजार पर ईरान युद्ध के प्रभाव को दर्शाता है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है, लेकिन आपूर्ति में 45 दिन का इंतजार करना होगा। जयपुर जैसे शहरों में भी स्थानीय बाजारों में स्टॉक खत्म होने की शिकायतें आ रही हैं—लोग सुबह से दुकानों के चक्कर काट रहे हैं।