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भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर नई पहल

भारत ने बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों की वापसी के लिए सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने भारत से संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए बीजीबी को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी जीत के बाद सामने आया है। जानें इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच क्या बातचीत हो रही है और इसके पीछे की राजनीति क्या है।
 

भारत की उम्मीदें और बांग्लादेश का अलर्ट

नई दिल्ली ने बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों की वापसी के लिए सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की अपेक्षा जताई है। इस बीच, बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सीमा रक्षक बल (बीजीबी) को भारत से संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है। यह कदम भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया के कुछ घंटों बाद उठाया गया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की हालिया चुनावी जीत के बाद सामने आया है, जहां अवैध प्रवासियों का मुद्दा चुनावों में महत्वपूर्ण रहा।


बांग्लादेश का बयान और भारत में अवैध प्रवासियों की स्थिति

5 मई को, विधानसभा चुनाव के परिणामों के एक दिन बाद, बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा कि ढाका भारत में घुसपैठ की घटनाओं के खिलाफ उचित कदम उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद घुसपैठ होती है, तो बांग्लादेश उचित कार्रवाई करेगा। रहमान ने यह भी बताया कि कई राज्यों से अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया है और उन्हें असम और त्रिपुरा से वापस भेजा गया है।


भारत का मुख्य मुद्दा: अवैध बांग्लादेशियों की वापसी

गुरुवार को, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अवैध बांग्लादेशियों की वापसी को भारत का प्रमुख मुद्दा बताया। रहमान की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश इस प्रक्रिया में तेजी लाएगा। उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में इस तरह की टिप्पणियों का आना महत्वपूर्ण है। यह भारत से अवैध बांग्लादेशियों की वापसी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें बांग्लादेश के सहयोग की आवश्यकता है।"