भारत पवेलियन का उद्घाटन: कनेक्टिविटी के भविष्य पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Mobile World Congress 2026 में ‘भारत पवेलियन’ का उद्घाटन किया, जिसमें 40 से अधिक भारतीय कंपनियां शामिल हैं। इस कार्यक्रम में कनेक्टिविटी के भविष्य पर चर्चा की गई, और भारत की तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया गया। मंत्री ने भारत के डिजिटल सेतु के निर्माण और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Mar 4, 2026, 20:46 IST
Mobile World Congress 2026 में भारत पवेलियन का उद्घाटन
केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज Mobile World Congress 2026 में ‘भारत पवेलियन’ का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम विश्व के प्रमुख प्रौद्योगिकी और टेलीकॉम मंचों में से एक है, जहां वैश्विक कनेक्टिविटी के भविष्य पर विचार विमर्श किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब दुनिया ‘आईक्यू युग’ (IQ Era) में कनेक्टिविटी के भविष्य पर विचार कर रही है, तब भारत बुद्धिमत्ता और अवसंरचना के संगम पर खड़ा है, जहां कनेक्टिविटी की क्षमता और समावेशी नवाचार का निर्माण हो रहा है।
सिंधिया ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का दूरसंचार परिवर्तन स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास (R&D), विश्वसनीय दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण पर आधारित रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज जब हम बार्सिलोना में हैं, तो संदेश स्पष्ट है। भारत केवल अपने 1.4 अरब नागरिकों के लिए नेटवर्क नहीं बना रहा है, बल्कि विश्व के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल सेतु भी तैयार कर रहा है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित होकर हम मानते हैं कि कनेक्टिविटी मानवता को सशक्त बनाएगी, साझेदारियों को मजबूत करेगी और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस वर्ष ‘भारत पवेलियन’ में दूरसंचार मूल्य श्रृंखला के विभिन्न क्षेत्रों से 40 से अधिक भारतीय कंपनियां भाग ले रही हैं। इनकी उपस्थिति 4G/5G और उभरती 6G तकनीकों, ओपन RAN, ऑप्टिकल और सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर डिजाइन, एआई-आधारित नेटवर्क इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, दूरसंचार सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हुई है। इस विस्तृत भागीदारी से भारत की दूरसंचार क्षमताओं पर बढ़ते वैश्विक विश्वास और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार इकोसिस्टम का प्रतिबिंब मिलता है।
भारत पवेलियन के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन किया और प्रतिनिधियों से विस्तृत संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से SignalChip, C-DOT सहित अन्य भारतीय कंपनियों की स्वदेशी तकनीकों और अभिनव समाधानों की सराहना की। इन कंपनियों द्वारा दूरसंचार हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर डिजाइन, एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म और अगली पीढ़ी की नेटवर्क अवसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को उन्होंने भारत के आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पवेलियन में भारतीय नवाचारकर्ताओं की सशक्त उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत सुरक्षित नेटवर्क निर्माण, एआई-संचालित दूरसंचार अवसंरचना के विकास, विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर दूरसंचार निर्यात के विस्तार के प्रति प्रतिबद्ध है।
यह सहभागिता वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता, विश्वसनीयता और डिजिटल नेतृत्व की सुदृढ़ पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।