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भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत में भाग लिया

भारत ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए बातचीत में भाग लिया है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारत को इस वार्ता में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक में भाग लिया, जिसमें ईरान और अन्य देशों के साथ संपर्क स्थापित किया गया है। इस बैठक का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करना और वाणिज्यिक शिपिंग को बढ़ावा देना है। ब्रिटेन ने इस वार्ता का आयोजन किया है, जिसमें 40 देशों ने भाग लिया।
 

भारत की भागीदारी की पुष्टि


नई दिल्ली: भारत ने यह जानकारी दी है कि उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए बातचीत में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ब्रिटेन ने कई देशों को इस वार्ता में आमंत्रित किया है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारत की ओर से विदेश सचिव ने इस बैठक में भाग लिया।

ईरान और अन्य देशों के साथ संपर्क में

रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित हो सके। इन जहाजों में LPG, LNG और अन्य सामान शामिल हैं। हाल की वार्ताओं के माध्यम से, हमारे छह भारतीय जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार किया है, और हम संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”

खुले वाणिज्यिक शिपिंग और समुद्री सुरक्षा का समर्थन

बहरीन प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह प्रस्ताव वर्तमान में UN सुरक्षा परिषद में विचाराधीन है। हमें जानकारी है कि सुरक्षा परिषद के सदस्य इस मसौदे पर चर्चा कर रहे हैं।”

ब्रिटेन की पहल

ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास में बैठक का आयोजन किया, जिसमें 40 देशों ने भाग लिया, जिनमें भारत भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत को ब्रिटेन की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें हमारी नुमाइंदगी विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं।

तनाव के बीच ईरान की आलोचना

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इस बैठक की घोषणा की थी। बैठक का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के रास्ते खोजना है। कूपर ने ईरान की आलोचना करते हुए इसे वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

स्ट्रेट में फंसे जहाजों की संख्या

यवेट कूपर के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में अब तक 25 से अधिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। लगभग 2,000 जहाजों पर सवार 20,000 नाविक फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी, ओमान और इराक के व्यापार मार्गों पर इसका असर पड़ा है।