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भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में, भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ एक निर्णायक मुहिम शुरू की है। 2019 से 2026 के बीच, 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को वापस लाने में सफलता मिली है। यह अभियान न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार ने कानूनी सुधारों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर इस प्रक्रिया को तेज किया है। जानें इस अभियान की सफलता और इसके पीछे की रणनीतियों के बारे में।
 

भारत की सख्त कार्रवाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभावशाली मार्गदर्शन में, भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ एक निर्णायक मुहिम शुरू की है। 2019 से 2026 के बीच, मोदी सरकार ने 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाकर यह साबित कर दिया है कि अब अपराध करके विदेश भागना सुरक्षित नहीं है।


प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में सुधार

पिछली सरकारों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अक्सर लंबी खिंचती थी। लेकिन मोदी ने इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया, और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे "मिशन मोड" में आगे बढ़ाया, जिससे कानून के दायरे को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया गया।


आधुनिक तकनीक का उपयोग

भारत ने एक एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत मॉडल विकसित किया है, जिससे दुनिया के किसी भी कोने में छिपे अपराधियों का पता लगाना और उन्हें वापस लाना आसान हो गया है। मोदी सरकार की रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है: वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति।


कानूनी सुधार और कार्रवाई

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि भगोड़े अपराधियों का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसी दिशा में, केंद्र सरकार ने कई कानूनी और संस्थागत सुधार किए हैं।


आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम

मोदी सरकार ने आर्थिक अपराधियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की है। 2019 से 2026 के बीच, ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और ₹18,762 करोड़ की राशि वापस कराई गई। यह उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो देश का धन लूटकर भागने का सपना देखते हैं।


सुरक्षा एजेंसियों की प्रभावशीलता

मोदी के नेतृत्व में, भारत ने इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया है। पिछले तीन वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। भारतपोल (BHARATPOL) ने सूचना साझा करने की प्रक्रिया को तेज किया है।


सफलता की कहानी

इन प्रयासों के चलते, भारत ने 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, और आर्थिक अपराधी शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैश्विक साख और प्रभावी कूटनीति का प्रमाण है।


नया भारत और न्याय

मोदी सरकार का संदेश स्पष्ट है: अपराध करके विदेश भागना अब सुरक्षित नहीं है। यदि आपने भारतीय कानून को चुनौती दी है, तो आपको अंततः न्याय का सामना करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में, नया भारत अपराधियों को संरक्षण नहीं, बल्कि दंड सुनिश्चित करने की नीति पर चल रहा है।