भारत ने ओमान की खाड़ी में जहाज़ पर हमले की खबरों का खंडन किया
भारत सरकार का स्पष्ट खंडन
ओमान की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच, भारत सरकार ने शनिवार को उन रिपोर्टों को पूरी तरह से नकार दिया, जिनमें कहा गया था कि एक भारतीय क्रू वाला वाणिज्यिक जहाज़ को निशाना बनाया गया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीय सुरक्षित हैं और हमले की खबरें 'गलत' हैं।
कुछ बिना पुष्टि वाली खबरों में यह दावा किया गया था कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला तेल और केमिकल टैंकर, MT लियाकी फ्रीडम, शुक्रवार रात ओमान की खाड़ी में निशाना बना, जब उसने VHF (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी) पर जवाब देना बंद कर दिया।
सुरक्षा की पुष्टि
रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि टैंकर पर कई भारतीय सवार थे और हताहत होने की आशंका थी। हालांकि, भारत सरकार ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमने लियाकी फ्रीडम जहाज़ के कैप्टन से बात की है, जिन्होंने पुष्टि की है कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और बताई गई जानकारी गलत है।"
पहले हमले की पुष्टि और खंडन
'फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया' (FSUI) ने पहले हमले की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में इसे खारिज कर दिया और कहा कि MT लियाकी फ्रीडम के क्रू ने पुष्टि की है कि टैंकर को निशाना नहीं बनाया गया था।
पिछले हमले और भारत का विरोध
अब तक ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले तीन जहाज़ों को निशाना बनाया गया है। 8 जून को MT मैरिवेक्स को निशाना बनाया गया था, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर थे, जिन्हें ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
10 जून को MT सेटेबेलो को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन नाविकों की मौत हो गई। 11 जून को MT जलवीर को निशाना बनाया गया, लेकिन क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारत ने इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ़ मिशन को दो बार तलब किया है। भारत ने कहा है कि ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और शिपिंग लेन को मुक्त और खुले रहना चाहिए।
विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और हमलों पर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा, "कमर्शियल शिपिंग के ख़िलाफ़ इस तरह की जानलेवा कार्रवाई सही नहीं है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन तेहरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'बेबुनियाद' बताया है।