भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ मनाई, आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ
आज भारत 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ का जश्न मना रहा है, जो कि देश की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय गर्व का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसके समर्थन करने वाले तंत्र को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑपरेशन का विवरण
7 मई 2022 को, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की, जो कि एक सटीक हवाई और मिसाइल हमलों की श्रृंखला थी। इसका उद्देश्य 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देना था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमलों का प्रभाव
इस ऑपरेशन के दौरान, भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी कैंपों पर हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ठिकाने शामिल थे। इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए। यह टकराव 10 मई को समाप्त हुआ, जब दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत हुई।
प्रधानमंत्री का संदेश
एक ट्वीट में, पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों ने इस ऑपरेशन में "अतुलनीय साहस, सटीकता और संकल्प" का प्रदर्शन किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सशस्त्र बलों की क्षमता
प्रधानमंत्री ने बताया कि इन हमलों ने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता और समन्वय को उजागर किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास कर रहा है।
सोशल मीडिया पर जागरूकता
इस दिन को मनाने के लिए, प्रधानमंत्री और NDA के अन्य नेताओं ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर 'ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो लगाया।
आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश
'ऑपरेशन सिंदूर' को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा गया। पीएम मोदी ने कहा था कि भारत पाकिस्तान की "परमाणु ब्लैकमेलिंग" को बर्दाश्त नहीं करेगा।
युद्धक तैयारियों में वृद्धि
इस ऑपरेशन के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी युद्धक तैयारियों को और मजबूत करना शुरू कर दिया, जिसमें ड्रोन, मिसाइल प्रणालियों, निगरानी तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित युद्ध क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।