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भारत ने ऊर्जा संकट के बीच गैस उत्पादन में बढ़ोतरी की

भारत ने ईरान युद्ध के चलते उत्पन्न ऊर्जा संकट का सामना करने के लिए गैस उत्पादन में वृद्धि की है। सरकारी कंपनी ONGC ने अरब सागर में गैस उत्पादन शुरू किया है, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा, भारत ने नए आयात साझेदारों की तलाश शुरू की है, जिसमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। HPCL ने गैस और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं होने की जानकारी दी है। जानें इस नई रणनीति के बारे में और कैसे भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की योजना बना रहा है।
 

भारत का गैस उत्पादन और आयात रणनीति


भारत ने ईरान युद्ध के चलते उत्पन्न ऊर्जा संकट का सामना करने के लिए गैस के क्षेत्र में नई रणनीतियाँ अपनाई हैं। देश ने न केवल आयात के नए रास्ते खोजने पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि स्वदेशी उत्पादन को भी बढ़ावा दिया है। FY 2025-26 की पहली छमाही में पेट्रोलियम प्लानिंग और एनालिसिस सेल के आंकड़ों के अनुसार, भारत का एलपीजी उत्पादन 6219 TMT रहा है।

भारत ने घरेलू ऊर्जा उत्पादन को प्राथमिकता दी है। सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने अरब सागर में अपने दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से गैस उत्पादन शुरू कर दिया है।

इस प्रोजेक्ट में लगभग 1 अरब डॉलर का निवेश किया गया है, जो मुंबई से 180 किमी उत्तर-पश्चिम और गुजरात के पिपावाव से 80 किमी दक्षिण में स्थित है। ONGC ने इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक चालू किया है, जिससे भारत अपनी गैस की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भरता कम कर सकेगा। गैस को हजीरा प्लांट भेजा जा रहा है।

भारत ने नए आयात साझेदारों की तलाश शुरू की है। पहले, भारत का गैस आयात मुख्य रूप से मध्य पूर्व से होता था, लेकिन युद्ध के कारण अब नए साझेदारों की ओर रुख किया गया है। अब भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे और अर्जेंटीना जैसे देशों से गैस खरीद रहा है।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी गैस और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं होने की जानकारी दी है। HPCL के 55 बॉटलिंग प्लांटों से लगातार एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत के पास 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है। भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार लगभग 5.33 मिलियन मीट्रिक टन हैं, जो कुल मिलाकर 74 दिनों के लिए पर्याप्त हैं।

इंडियन ऑयल ने भी बताया है कि देशभर में प्रतिदिन लगभग 28 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।