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भारत ने अमेरिकी टैरिफ प्रस्ताव पर दी प्रतिक्रिया, व्यापार वार्ता जारी

भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने बताया कि वह बंधुआ मजदूरी और औद्योगिक क्षमता से संबंधित चिंताओं को लेकर अमेरिका के साथ संपर्क में है। इस बीच, यूएसटीआर ने 60 देशों के खिलाफ जांच शुरू की है, जिसमें भारत और चीन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। कॉमर्स मंत्रालय ने भी इस मामले में बातचीत जारी रखने की पुष्टि की है। जानें इस मुद्दे की पूरी जानकारी और भारत की आपत्तियों के बारे में।
 

भारत की प्रतिक्रिया

अमेरिका द्वारा टैरिफ की धमकी के बाद, भारतीय सरकार ने एक बयान जारी किया है। सरकार ने बताया कि भारत बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़ी चिंताओं के संदर्भ में अमेरिका के साथ संपर्क में है। इसके साथ ही, भारत एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत कर रहा है।


यूएसटीआर की जांच

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 11-12 मार्च 2026 को बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से संबंधित मुद्दों पर 60 देशों के खिलाफ धारा-301 के तहत जांच शुरू की थी। यूएसटीआर ने 2 जून को बंधुआ मजदूरी से संबंधित जांच के निष्कर्षों को साझा करते हुए 60 देशों से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।


प्रस्तावित शुल्क

इस प्रस्ताव में कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान से आयात पर 10 प्रतिशत शुल्क और भारत तथा चीन सहित 54 अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क शामिल है। पाकिस्तान और इंडोनेशिया भारत के व्यापार में प्रतिस्पर्धी माने जाते हैं। यह उपाय अभी प्रस्तावित है और इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।


कॉमर्स मंत्रालय का बयान

कॉमर्स मंत्रालय ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ धारा-301 की कार्यवाही के संबंध में संपर्क में है। इसके अलावा, भारत 2 फरवरी 2026 को घोषित समझौते के ढांचे के अनुसार अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुछ उत्पादों को इन प्रस्तावित शुल्कों से बाहर रखा गया है।


सार्वजनिक सुनवाई

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित शुल्क अभी अंतिम नहीं हैं और हितधारक 22 जून 2026 तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। सार्वजनिक सुनवाई 7 जुलाई 2026 को होगी।


यूएसटीआर का प्रस्ताव

यूएसटीआर ने उन देशों पर 12.5 प्रतिशत की अतिरिक्त ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिन्होंने जबरदस्ती के श्रम से जुड़े इंपोर्ट को रोकने के लिए प्रभावी उपाय नहीं किए हैं। जिन देशों ने ऐसे प्रतिबंधों को अपनाया है, उन्हें 10 प्रतिशत की कम प्रस्तावित टैरिफ दर का सामना करना पड़ेगा।


भारत की आपत्ति

भारत ने पहले की रिपोर्टों में जबरन मजदूरी की जांच के आधार पर लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई थी। भारत ने वॉशिंगटन से अनुरोध किया था कि इस मामले को एकतरफा व्यापार उपायों के बजाय, चल रही व्यापार वार्ताओं के दायरे में ही सुलझाया जाए।