भारत के विदेश मंत्री का कैरिबियाई देशों का महत्वपूर्ण दौरा
जयशंकर का दौरा: ऐतिहासिक रिश्तों को मजबूत करना
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 2 से 10 मई तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है, साथ ही द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना भी है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के दौरान, जयशंकर इन तीनों देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इन देशों में भारत के गिरमिटिया समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है।
इस यात्रा का उद्देश्य भारत के राजनीतिक जुड़ाव को बनाए रखना और पुराने दोस्ताना रिश्तों को और गहरा करना है। यह साउथ-साउथ सहयोग और विकास के लिए एक साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारत और इन देशों के बीच प्रगति के रास्ते खोलता है।
जयशंकर इस दौरान व्यापार नेताओं और भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। भारत समय के साथ इन देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों की नींव को मजबूत किया जा सके।
भारत की विदेश नीति में कैरिबियाई देशों के साथ मित्रता और आपसी विकास की दिशा में कदम उठाना शामिल है, जो भारतीय समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है।
यह दौरा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इन देशों के साथ की गई पिछली बैठकों और सहयोग को एक नया आयाम देने का प्रयास है। उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2024 में गुयाना के जॉर्जटाउन में आयोजित दूसरे इंडिया-CARICOM समिट के दौरान सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में "जमैका मार्ग" का उद्घाटन किया, जो भारत और जमैका के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। इस उद्घाटन के समय, प्रधानमंत्री मोदी के जमैका के समकक्ष एंड्रयू होलनेस ने भारत का दौरा किया था।
इन देशों के साथ भारत के रिश्ते केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि व्यापारिक और सांस्कृतिक भी हैं। त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि वहां रहने वाले भारतीय मूल के समुदाय को ओवरसीज सिटिज़नशिप ऑफ़ इंडिया कार्ड दिए जाएंगे, जिससे इन देशों में बसे भारतीयों को भारत से जुड़ने का एक और अवसर मिलेगा।
इस यात्रा के साथ, विदेश मंत्री जयशंकर और भारत सरकार कैरिबियाई देशों में अपनी मजबूत और स्थिर भूमिका को सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।