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भारत के विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा

भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर विदेशी टिप्पणियों का जवाब दिया और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की मीडिया बातचीत पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। इसके अलावा, भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा, श्रीलंका में उच्चस्तरीय वार्ताएं, और भारत-इजरायल संबंधों पर भी चर्चा की गई। जानें और क्या बातें कहीं गईं इस विस्तृत प्रेस वार्ता में।
 

विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में प्रमुख बिंदु

आज भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक पर एक अमेरिकी सांसद की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि भारत के आंतरिक विधायी मामलों में बाहरी टिप्पणियों का कोई स्थान नहीं है, और इस पर निर्णय केवल देश की संसद ही करेगी।


भारत के आंतरिक मामलों पर विदेशी टिप्पणियों का कोई असर नहीं

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने एफसीआरए पर की गई टिप्पणियों को देखा है, लेकिन यह पूरी तरह से भारत के आंतरिक मामले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई देशों, जैसे अमेरिका, विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने कानून लागू करते हैं।


बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की मीडिया बातचीत पर प्रतिक्रिया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 5 अगस्त को हुई मीडिया बातचीत के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम था, जिसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच पर व्यक्त विचारों का भारत सरकार समर्थन नहीं करती।


भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान

पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर जायसवाल ने कहा कि यह भारत सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन और समुद्री प्राधिकरणों के साथ संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा, भारत ने सभी पक्षों से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की है।


श्रीलंका में उच्चस्तरीय वार्ताएं

विदेश सचिव विक्रम मिस्री की श्रीलंका यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए, प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने वहां के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से उच्चस्तरीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों में विकास सहयोग और भारतीय मछुआरों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भारत ने मछुआरों की आजीविका के प्रति संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।


भारत-इजरायल संबंधों पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई टेलीफोन वार्ता पर, रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है। दोनों नेताओं ने इस साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।


रक्षा सहयोग समझौतों पर भारत की नजर

सोमालिया और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इन घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए है। इसी तरह, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर भी जायसवाल ने कहा कि भारत इस विकासक्रम पर ध्यान दे रहा है।


अफ्रीका दिवस पर भारत का उत्सव

अफ्रीका दिवस के आयोजन पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत हर वर्ष अफ्रीका के साथ अपनी एकजुटता और सहयोग का उत्सव मनाता है। इस वर्ष के समारोह में विदेश मंत्री ने भी भाग लिया, जो भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है।