भारत की सशक्तता पर राजनाथ सिंह का बयान: पूर्व सैनिकों की भूमिका महत्वपूर्ण
भारत की नई पहचान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत अब एक सशक्त और विकसित राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब जब भारत अपनी बात रखता है, तो पूरी दुनिया उसे सुनती है। राष्ट्रीय राजधानी के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित 10वें सशस्त्र बल वयोवृद्ध दिवस के अवसर पर उन्होंने वयोवृद्धों से आग्रह किया कि वे राष्ट्र का मार्गदर्शन करते रहें और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।
पूर्व सैनिकों का योगदान
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज कई पूर्व सैनिक शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक राष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनकी भूमिका हर क्षेत्र में भारत के भविष्य को आकार दे सकती है। सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए कई पहल की हैं, जिसमें वन रैंक वन पेंशन (ओआरपी) योजना शामिल है, जो उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है।
शांति सैनिकों की याद
उन्होंने श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के हिस्से के रूप में सेवा देने वाले सैनिकों को भी याद किया, जिनमें से कई ने शहादत पाई। उनका साहस हमें प्रेरित करता है। सरकार पवन अभियान में भाग लेने वाले शांति सैनिकों के योगदान को मान्यता देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान उनके स्मारक का दौरा किया था, और हम दिल्ली के युद्ध स्मारक में उन्हें सम्मानित करना जारी रखते हैं।