भारत की विदेश नीति: सुरक्षा और संप्रभुता पर स्पष्टता
भारत की विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख मुद्दे
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा, पड़ोसी देशों के साथ संबंध, पश्चिम एशिया में तनाव और विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं पर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) पर भारत के दावे को दोहराते हुए पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं छोड़ना चाहता।
PoJK पर भारत का अडिग रुख
जायसवाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और देश अपने संप्रभु अधिकारों के प्रति पूरी तरह अडिग है।
पाकिस्तान पर तीखा प्रहार
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर कड़ी आलोचना की। जायसवाल ने कहा कि इस बर्बर हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई और इसकी जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का सीमा पार आतंकवाद का रिकॉर्ड पूरी दुनिया के सामने है।
पश्चिम एशिया में स्थिति पर चिंता
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर विदेश मंत्रालय ने चिंता व्यक्त की। जायसवाल ने कहा कि भारत का हमेशा से यह स्पष्ट रुख रहा है कि किसी भी संघर्ष में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय समुद्री समुदाय के लिए एडवाइजरी जारी करने की जानकारी दी, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक इस क्षेत्र में कार्यरत हैं।
समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा
जायसवाल ने बताया कि भारत और फारस की खाड़ी के बीच समुद्री व्यापार सामान्य रूप से जारी है और वर्तमान में सात भारतीय ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में परिचालन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है।
चाबहार बंदरगाह की स्थिति
ईरान के चाबहार बंदरगाह के संदर्भ में, जायसवाल ने बताया कि अमेरिका द्वारा दी गई छूट पहले ही समाप्त हो चुकी है और भारत संबंधित पक्षों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहा है। हाल में बंदरगाह पर हमले की खबरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत द्वारा संचालित टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर उठे सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और जापान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। जापान की ई-20 ट्रेन श्रृंखला 2030 के दशक में उपलब्ध होगी। दोनों देशों ने परियोजना में देरी से बचने के लिए भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन से परिचालन शुरू करने पर सहमति बनाई है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री का प्रत्यर्पण अनुरोध
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कहा कि भारत को औपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है। इस पर कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार विचार किया जा रहा है।
भारत की स्पष्ट नीति
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समग्र संदेश यह था कि भारत सुरक्षा, संप्रभुता और रणनीतिक हितों पर अपने रुख को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। चाहे वह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा हो, PoJK पर भारत का दावा, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, चाबहार बंदरगाह का महत्व या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना—सरकार ने हर मोर्चे पर यह संकेत दिया है कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।