भारत की विदेश नीति: वैश्विक सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक ब्रीफिंग में वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा संकट और विदेशों में फंसे नागरिकों की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिकों के मामले, भारत और अमेरिका के बीच सहयोग, और ईरान में फंसे छात्रों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान की गतिविधियों और मध्य पूर्व में ईरानी हमलों की निंदा की। जानें इस ब्रीफिंग में और क्या कहा गया।
Mar 19, 2026, 18:53 IST
भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक साप्ताहिक ब्रीफिंग आयोजित की, जिसमें वैश्विक घटनाओं, ऊर्जा सुरक्षा, विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए भारत की नीतियों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिकों का मामला
प्रवक्ता ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा पकड़े गए छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक के मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह एक कानूनी मामला है और इसकी जांच जारी है। भारत में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां यात्रा के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है, और यह स्पष्ट होगा कि संबंधित व्यक्तियों के पास यह अनुमति थी या नहीं। भारत ने संबंधित देशों के साथ दूतावास स्तर पर संपर्क बनाए रखा है।
भारत और अमेरिका के बीच सहयोग
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग पर भी चर्चा की गई। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक कार्य समूह स्थापित किया गया है, जो इस साझा चुनौती का सामना करने के लिए संवाद का माध्यम है। पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर उन्होंने कहा कि यह वैश्विक चिंता का विषय है और कई देशों के लिए खतरा बना हुआ है।
भारतीय नाविकों की स्थिति
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों के प्रभाव के बीच भारतीय नाविकों की स्थिति पर भी जानकारी दी गई। प्रवक्ता ने बताया कि भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े नाविक समुदायों में से एक है, और वर्तमान में 22 जहाजों पर 611 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। कई नाविक सुरक्षित लौट आए हैं, जिनमें घायल 15 नाविक भी शामिल हैं। सरकार सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों के संपर्क में है।
ऊर्जा आपूर्ति पर संकट
ऊर्जा आपूर्ति के संकट पर प्रवक्ता ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के हमलों और जलडमरूमध्य के बंद होने से गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत विभिन्न देशों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके और आपूर्ति बाधित न हो।
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की स्थिति
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के मुद्दे पर भी जानकारी दी गई। प्रवक्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र, जिनमें कश्मीर की छात्राएं भी शामिल हैं, वहां चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। सरकार उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी है और सलाह दी गई है कि सीमा पार करने से पहले दूतावास से संपर्क करें।
मध्य पूर्व में ईरानी हमलों की निंदा
भारत ने मध्य पूर्व में ऊर्जा संरचनाओं पर ईरानी हमलों की निंदा की और कहा कि नागरिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा संतुलन को अस्थिर करते हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
ब्रिक्स और ऊर्जा नीति
ब्रिक्स के संदर्भ में प्रवक्ता ने कहा कि इसकी सदस्यता और अन्य समूहों की सदस्यता अलग-अलग श्रेणियां हैं, जिससे सर्वसम्मति बनाने में कठिनाइयां आती हैं। भारत की ऊर्जा नीति पर उन्होंने कहा कि देश विभिन्न स्रोतों से तेल और गैस खरीद रहा है, जिसमें रूस भी शामिल है।
भारत और अमेरिका के व्यापार संबंध
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों पर आई एक रिपोर्ट को प्रवक्ता ने गलत बताया और कहा कि दोनों देश सभी मुद्दों पर निकट संपर्क में हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अमेरिकी राजदूत के बीच बातचीत को सामान्य कूटनीतिक संवाद बताया गया।
पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा
पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की और इसे नागरिकों के खिलाफ अमानवीय कार्रवाई बताया। प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों की सहायता करता रहेगा।
भारत की स्थिति
अंत में, चाबहार बंदरगाह पर मिली अस्थायी छूट और पश्चिम एशिया संकट पर भारत की स्थिति को दोहराते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत लगातार तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहेगा।