भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा और गैस आपूर्ति पर चर्चा की गई। बैठक में गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री सहित कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। सरकार ने आश्वासन दिया कि वह वैश्विक परिस्थितियों पर ध्यान रखते हुए आवश्यक कदम उठा रही है। गैस की आपूर्ति को सामान्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, और समुद्री रास्तों पर तनाव का प्रभाव भी चर्चा का हिस्सा रहा।
Mar 22, 2026, 18:34 IST
प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
रविवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि देश में पेट्रोल, कच्चा तेल, गैस, बिजली और खाद्य सामग्री की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे।
कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति
प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह वैश्विक परिस्थितियों पर ध्यान रखते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
गैस और ईंधन की आपूर्ति में सुधार के लिए कदम
गैस और ईंधन की किल्लत दूर करने के लिए कड़े कदम
सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति को सामान्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बुकिंग में घबराहट की कमी आई है। राज्यों के लिए कमर्शियल गैस का कोटा बढ़ा दिया गया है, जिसमें अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अलावा, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को नए पाइप गैस कनेक्शन देने में तेजी लाने की सलाह दी गई है। गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए देशभर में छापेमारी की जा रही है। राहत की बात यह है कि अमेरिका के टेक्सास से रसोई गैस लेकर एक बड़ा जहाज मंगलुरु बंदरगाह पहुंच चुका है, जिससे सप्लाई में सुधार होगा।
समुद्री रास्तों पर तनाव का प्रभाव
समुद्री रास्तों पर तनाव
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब होर्मु जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर युद्ध के कारण तनाव बढ़ गया है। 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से क्षेत्र में संघर्ष में वृद्धि हुई है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है।
औद्योगिक डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है, जो 109.59 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। हालांकि, जहाजरानी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देश की आर्थिक स्थिरता उनकी प्राथमिकता है।