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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सरकार की नई रणनीतियाँ

पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच, भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। घरेलू एलपीजी और पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विभिन्न उपाय लागू किए हैं। इस लेख में जानें कि कैसे सरकार ने नागरिकों को ऊर्जा बचाने और वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा, जानें कि कमर्शियल एलपीजी सप्लाई और कच्चे तेल की स्थिति क्या है।
 

भू-राजनीतिक हालात और भारत की तैयारी


नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति में तेजी से बदलाव आ रहा है। इस संदर्भ में, भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार का ध्यान एलपीजी और पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। रविवार को, उसने मौजूदा स्थिति का आकलन किया और उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।

सरकार ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है। शनिवार को 53.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसके अलावा, 39,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन को MYPNGD.in के माध्यम से सरेंडर कर दिया है। भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘देश गरिमा’ हाल ही में 31 भारतीय नाविकों के साथ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा है, और इसकी मुंबई में 22 अप्रैल 2026 को पहुंचने की उम्मीद है।

ईरान के राजदूत को तलब किया गया है, और भारत ने होर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।


ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट से संबंधित मौजूदा हालात के मद्देनजर देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें।

सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। नागरिकों को अफवाहों से सावधान रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। एलपीजी उपभोक्ताओं को डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दैनिक जीवन में ऊर्जा बचाने के लिए प्रयास करें और वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें।


सरकार की तैयारी

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100% सप्लाई बनी रहे। कमर्शियल एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है।

प्रवासी मजदूरों को 5 किलो FTL की सप्लाई को दोगुना किया गया है। सरकार ने पहले ही कई उपाय लागू किए हैं, जैसे रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों को सप्लाई में प्राथमिकता देना।


एलपीजी की मांग और आपूर्ति

एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त कोयला आवंटित किया जाए।

राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सप्लाई की निगरानी करने और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।


घरेलू एलपीजी सप्लाई की स्थिति

हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित है, लेकिन घरेलू परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर ‘ड्राई-आउट’ की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

हाल ही में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में वृद्धि हुई है, और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी भी बढ़ी है।


कमर्शियल एलपीजी सप्लाई

कमर्शियल एलपीजी आवंटन को संकट से पहले के स्तरों के लगभग 70% तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो FTL सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दोगुना करने की घोषणा की है।


कच्चे तेल की स्थिति

सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी बनाए रखा जा रहा है।

घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।