भारत का कच्चे तेल का आयात मई 2026 में 11% बढ़ा
भारत का कच्चे तेल का आयात बढ़ा
भारत ने मई 2026 में कच्चे तेल का आयात 11 प्रतिशत बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा दिया है। यह वृद्धि रूस और वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने के कारण हुई है, जिससे भारत ने अपने आयात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार, यह मई का आयात स्तर अब तक का सबसे ऊंचा हो सकता है।
पिछले महीने की तुलना में वृद्धि
अप्रैल में भारत का औसत कच्चा तेल आयात लगभग 45 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो मई में बढ़कर 50 लाख बैरल प्रतिदिन के करीब पहुंच गया। Kpler के रिफाइनिंग और सप्लाई विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार, रूस और वेनेजुएला से मजबूत सप्लाई के कारण भारत को अतिरिक्त तेल उपलब्ध हुआ है।
रूस बना प्रमुख सप्लायर
भारत ने मई में रूस से तेल खरीद को 23 प्रतिशत बढ़ाकर 19 लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 15.7 लाख बैरल प्रतिदिन था। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 5.4 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आया, जबकि सऊदी अरब से आयात में 41 प्रतिशत की गिरावट आई है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच नए विकल्प
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण, भारत अब तेल सप्लाई के लिए विभिन्न देशों पर निर्भरता बढ़ा रहा है। रूस के अलावा, भारत ने वेनेजुएला, अमेरिका, ब्राजील, ओमान और अंगोला से भी तेल खरीद बढ़ाई है। मई में वेनेजुएला भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया, जहां से 3.03 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात हुआ।
चीन की मांग और संभावित दबाव
विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में चीन में तेल की मांग कमजोर है, जिससे एशियाई देशों को अतिरिक्त सप्लाई मिल रही है। हालांकि, यदि चीन की मांग में वृद्धि होती है और होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सामान्य नहीं होती, तो एशियाई बाजार में सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।