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भारत और ऑस्ट्रेलिया के द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊंचाइयाँ

भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और QUAD के माध्यम से सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने 'ह्यूमन ब्रिज' की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया, जिसमें एक मिलियन से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस स्टाफ के प्रमुख ने भी संबंधों की गहराई की पुष्टि की और मध्य पूर्व में तनाव कम करने की आवश्यकता पर चर्चा की। यह लेख भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालता है।
 

भारत में ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर का बयान

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध अपने चरम पर हैं। उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत में बताया कि QUAD के माध्यम से दोनों देश रणनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं और उनके पास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण है। ग्रीन ने कहा, "हम अपने द्विपक्षीय संबंधों के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। हमारी अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे के पूरक हैं और बहुत मजबूत हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि 'ह्यूमन ब्रिज' के रूप में, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक मिलियन से अधिक भारतीय नागरिक इन संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस स्टाफ के प्रमुख का समर्थन

ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस स्टाफ के प्रमुख ब्रिगेडियर डेमियन हिल ने ग्रीन की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध बहुत पुराने हैं। उन्होंने बताया कि हमारी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को लगभग चार साल हो चुके हैं, लेकिन यह संबंध उससे कहीं अधिक गहरे हैं। ग्रीन ने मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार होर्मुज़ जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिश कर रही है।


शांति और स्थिरता की आवश्यकता

हिल ने कहा कि हम एक शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम इस क्षेत्र में स्थिरता चाहते हैं, क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।" इससे पहले, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव कम करने और इसे फिर से खोलने की अपील की थी।