भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति
भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। शुक्रवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच इस समझौते पर 99 प्रतिशत बातचीत पूरी हो चुकी है, और शेष 1 प्रतिशत मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता अगले कुछ हफ्तों या महीनों में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जा सकता है.
गोर ने IIT दिल्ली में आयोजित यूएस-इंडिया ट्रस्ट (TRUST) पहल कार्यक्रम में बताया कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून तक भारत आएगा, जहाँ वे समझौते के अंतिम बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को इस तरह बढ़ावा देना है कि इससे अमेरिकी कंपनियों और श्रमिकों के लिए नए अवसर उत्पन्न हों। हाल ही में, भारत का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वॉशिंगटन गया था.
अमेरिकी राजदूत ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। यह केवल व्यापारिक वृद्धि नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक सहयोग और मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बताया, और कहा कि डिजिटल व्यापार, उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है.
गोर ने यह भी बताया कि अमेरिका अपनी लगभग 40 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारत से करता है। इसके अलावा, अमेरिकी मिशनों ने भारत में अगले वर्ष के लिए 20.5 अरब डॉलर के निवेश प्रतिबद्धताओं को सुरक्षित करने में मदद की है, जिसमें से 19 अरब डॉलर का निवेश केवल फार्मा क्षेत्र में प्रस्तावित है.
भारत और अमेरिका ने फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई थी और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी है। दोनों देश बाजार पहुंच, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, गैर-टैरिफ बाधाओं, व्यापार सुविधा और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.