भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और व्यापार समझौतों पर चर्चा
दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, सुरक्षा और व्यापार समझौतों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डॉ. जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों ने हाल ही में प्रमुख रक्षा साझेदारी समझौते का नवीनीकरण किया है और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर भी बात की गई। इसके अलावा, व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस बैठक में लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र मीडिया के महत्व पर भी चर्चा हुई।
May 24, 2026, 14:02 IST
भारत-अमेरिका संबंधों में नई पहल
दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में हुए समझौतों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क समझौते का हाल ही में नवीनीकरण किया गया है। इसके अलावा, दोनों देशों ने पानी के नीचे की गतिविधियों की निगरानी के लिए एक व्यापक 'अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस' रोडमैप पर भी हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में प्रगति के लिए 'मेक इन इंडिया' दृष्टिकोण और हाल के संघर्षों से सीखे गए पाठों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
व्यापार समझौते की प्राथमिकता
आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए, विदेश मंत्री ने कहा, "हमने आपसी लाभ के लिए व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के अंतिम मसौदे को शीघ्रता से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा, जिसकी योजना फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान बनाई गई थी। हाल ही में हमारी एक टीम वाशिंगटन में थी और हमें उम्मीद है कि जल्द ही एक अमेरिकी टीम भी इस संदर्भ में भारत का दौरा करेगी।"
ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकता
डॉ. जयशंकर ने ऊर्जा से संबंधित मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा, "हमारी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी 1.4 अरब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना है। जनता के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और उचित मूल्य सुनिश्चित करना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इसलिए, हम हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार के विस्तार का स्वागत करते हैं। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा में विभिन्न सप्लाई स्रोत शामिल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में परमाणु ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई है। अमेरिका में 'शांति अधिनियम' के पारित होने से नई संभावनाएं खुली हैं। हाल ही में एक अमेरिकी दल भारत आया था और उम्मीद है कि परमाणु क्षेत्र में सहयोग जल्द ही वास्तविकता बनेगा।
लोकतंत्र में जवाबदेही
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के प्रति जवाबदेही पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "मुझे वाशिंगटन लौटकर अपने हर निर्णय को अमेरिकी जनता के सामने सही ठहराना होता है और राष्ट्रपति को भी यही करना होता है। हमें यह बताना पड़ता है कि कोई निर्णय हमारे देश के लिए क्यों फायदेमंद है। भारत में हमारे सहयोगियों को भी यही करना होता है। यह बात दुनिया के हर देश में कुछ हद तक सही हो सकती है, लेकिन लोकतंत्रों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।"
स्वतंत्र मीडिया का महत्व
मार्को रूबियो ने भारत के विशाल मीडिया परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा, "लोकतंत्रों में विपक्षी दल और स्वतंत्र, खुला मीडिया होता है। भारत में कई मीडिया संस्थान हैं, जिसका अर्थ है कि यहां हर चीज की बारीकी से जांच होती है। यह हमारे हितों को एक-दूसरे से जोड़ता है। हम दोनों इस बात को मानते हैं कि जो भी निर्णय हम लेते हैं, हमें अपने मतदाताओं और जनता के सामने उसे सही ठहराना होता है, जिन्होंने हमें इन पदों पर बिठाया है।"