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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत में प्रगति, लेकिन टैरिफ मुद्दा बना चुनौती

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन टैरिफ नीति और सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतिम निर्णय अभी बाकी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं को समझना आवश्यक है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का अमेरिका दौरा भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जानें इस व्यापार वार्ता की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

न्यूयॉर्क में व्यापार समझौते पर चर्चा


भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर व्यापक सहमति बनी है, हालांकि अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव और Section 301 प्रक्रिया ने समझौते को अंतिम रूप देने में जटिलता पैदा की है।


समझौते की प्रगति और टैरिफ मुद्दा

जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि व्यापार समझौता आगे बढ़ने पर दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर दिशा दे सकता है, लेकिन व्यापार से जुड़े मतभेद अभी भी मौजूद हैं।


भारत और अमेरिका के बीच कई महीनों से व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, टैरिफ और अन्य व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा की है। जयशंकर के बयान से यह स्पष्ट होता है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति आवश्यक है।


पीयूष गोयल का अमेरिका दौरा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका का दौरा करेंगे। इस दौरान वह G20 ट्रेड मिनिस्टर्स बैठक में भाग लेंगे और अमेरिकी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे।


गोयल की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब व्यापार समझौते के कई हिस्सों पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है, लेकिन टैरिफ ढांचे पर चर्चा अभी भी जारी है।


आतंकवाद पर जयशंकर की टिप्पणी

जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंता है और भारत चाहता है कि उसके प्रमुख साझेदार इस मुद्दे को समझें।


उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारत की सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त समझ नहीं मिलती है, तो इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


व्यापार और सुरक्षा पर बातचीत की आवश्यकता

भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, निवेश, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में भी संपर्क बना हुआ है।


जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाना भारत की प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की चिंताओं को समझना होगा।


Section 301 की जानकारी

अमेरिकी Section 301 एक कानूनी प्रावधान है जिसके तहत अमेरिका अन्य देशों की व्यापार नीतियों की जांच कर सकता है। भारत से जुड़े संदर्भ में, Section 301 की प्रक्रिया व्यापार समझौते की समयसीमा और टैरिफ से जुड़ी चर्चा का हिस्सा बनी हुई है।


भारत सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 में अमेरिका ने भारत से जुड़े Section 301 उपायों के तहत अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क तय किया था।


आगे की राह

फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। जयशंकर के बयान से यह संकेत मिलता है कि व्यापक समझ बन चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए टैरिफ व्यवस्था और अमेरिकी व्यापार नीतियों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आवश्यक है।


इसलिए, समझौते की स्थिति यह है कि बातचीत काफी आगे बढ़ी है, लेकिन अंतिम सहमति अभी बाकी है।